27 Sep 2026
नोएडा, 27 सितंबर (इंद्रप्रस्थ न्यूज)। गौतमबुद्ध नगर स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आयोजित यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के चतुर्थ संस्करण में आयुष विभाग, उत्तर प्रदेश की ओर से रविवार को “भारत की प्राचीन स्वास्थ्य परंपरा-पारंपरिक ज्ञान, आधुनिक अनुसंधान एवं वैश्विक वेलनेस की संभावनाएं” विषय पर विशेष सत्र आयोजित किया गया। सत्र में आयुर्वेद की बढ़ती लोकप्रियता, वैश्विक स्तर पर इसकी स्वीकार्यता और उत्तर प्रदेश में आयुष चिकित्सा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों पर विस्तार से चर्चा हुई।
कार्यक्रम में आयुष राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दया शंकर मिश्र ‘दयालु’ ने कहा कि आयुर्वेद भारत की प्राचीन चिकित्सा परंपरा होने के साथ आज दुनिया भर में स्वास्थ्य और वेलनेस के क्षेत्र में अपनी पहचान बना रहा है। उन्होंने कहा कि बदलती स्वास्थ्य जरूरतों के अनुरूप आयुर्वेद को और अधिक वैज्ञानिक, प्रमाण-आधारित तथा गुणवत्तापूर्ण बनाने की दिशा में काम करने की आवश्यकता है। उन्होंने आयुर्वेद की पारंपरिक ज्ञान परंपरा को आधुनिक अनुसंधान से जोड़ने पर भी जोर दिया।
आयुष विभाग के प्रमुख सचिव रंजन कुमार ने उत्तर प्रदेश में आयुष क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने नए आयुर्वेदिक चिकित्सालयों और आयुर्वेदिक महाविद्यालयों की स्थापना, आयुष इंटीग्रेटेड वेलनेस सेंटर तथा प्रशिक्षण संस्थानों के विकास की दिशा में चल रहे कार्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि विभाग का उद्देश्य नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षित आयुष चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने के साथ आयुष क्षेत्र को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना है।
विशेष सत्र के दौरान आयुर्वेद की वैश्विक स्थिति, अनुसंधान, आयुष उत्पादों के निर्यात, प्रमाणिक एवं सुरक्षित आयुर्वेदिक औषधियों के विकास, मानकीकरण और एविडेंस-बेस्ड आयुर्वेदिक चिकित्सा प्रणाली जैसे विषयों पर भी विशेषज्ञों ने विचार रखे। वक्ताओं ने कहा कि वैश्वीकरण के दौर में आयुर्वेद की प्राचीन ज्ञान परंपरा को आधुनिक अनुसंधान और वैज्ञानिक प्रमाणों के साथ जोड़कर विश्व समुदाय तक पहुंचाने की आवश्यकता है।
कार्यक्रम में चिकित्सकों और विभिन्न विषयों के विशेषज्ञों ने भी सहभागिता की। आयुष क्षेत्र से जुड़ी विभिन्न दवा निर्माता कंपनियों के प्रतिनिधियों ने अतिथियों का स्वागत किया। साथ ही आयुर्वेदिक और अन्य आयुष उत्पादों के विकास, अनुसंधान तथा वैश्विक बाजार में उनकी संभावनाओं से जुड़े विषयों पर भी चर्चा हुई।
इस अवसर पर निदेशक आयुर्वेद डॉ. नारायण दास, निदेशक होम्योपैथी डॉ. प्रमोद कुमार सिंह, उपनिदेशक डॉ. राम कृपाल, प्रोफेसर डॉ. बृजेश गुप्ता, क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. बंदना रानी, जिला होम्योपैथिक अधिकारी डॉ. प्रीति सिंघल सहित विभिन्न जनपदों के चिकित्सा अधिकारी तथा गौतमबुद्धनगर के आयुष विभाग के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।------------