29 Sep 2026
नई दिल्ली, 29 सितंबर (एजेंसी)। चलती कार से वर्चुअल सुनवाई में शामिल होने पर दिल्ली उच्च न्यायालय ने मंगलवार को एक वकील पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। जस्टिस ओम प्रकाश शुक्ला ने इसे कोर्ट रूम की गरिमा के खिलाफ और जुडिशियल प्रोसीडिंग में बाधक मानते हुए यह आदेश दिया।
कोर्ट ने कहा कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुनवाई का मतलब यह नहीं है कि कोर्ट की गरिमा ही भंग हो जाए और कोर्ट सुनवाई ठीक से संचालित न कर सके। कोर्ट ने कहा कि जब रोजाना 70 मामले निपटाने हों और इस तरह की बाधा आए, कोर्ट की गरिमा को भंग करने का प्रयास किया जाए, तो कोर्ट को हस्तक्षेप करने की जरूरत पड़ेगी। कोर्ट ने यह भी कहा कि इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग नियम भी किसी वकील को इसकी इजाजत नहीं देता कि वो बिना कोर्ट की अनुमति के वाहन से कोर्ट की सुनवाई में शामिल हो। कोर्ट विशेष परिस्थितियों में ही वकील को वाहन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये सुनवाई में हिस्सा लेने की अनुमति दे सकता है। यह इसलिए जरूरी है कि सुनवाई में शामिल हो रहे वकील भी एक अनुकूल माहौल महसूस करें।
मामला साउथ इंडियन बैंक और नेशनल हाइवे अथॉरिटी के बीच एक फैसले के अनुपालन से जुड़ा था। इसी मामले में साउथ इंडियन बैंक की ओर से पेश वकील नचिकेता गोयल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान चलती कार में थे और कोर्ट की सुनवाई में शामिल हुए थे। इस पर उच्च न्यायालय ने कड़ी आपत्ति जताते हुए नचिकेता गोयल पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगा दिया। उच्च न्यायालय ने नचिकेता गोयल को यह जुर्माना राशि एक हफ्ते के अंदर दिल्ली उच्च न्यायालय लीगल सर्विसेज कमेटी के यहां जमा करने का निर्देश दिया है।