इंद्रप्रस्थ न्यूज – ताज़ा हिंदी खबरें | राष्ट्रीय, राज्य, खेल, बिज़नेस ब्रेकिंग न्यूज़
ब्रेकिंग न्यूज
ताजा खबरें एशियाई खेल : मुरली श्रीशंकर और डेविड सोलोमन लंबी कूद स्पर्धा के फाइनल में एशियाई खेल में मुक्केबाज अंकुश का पदक पक्का, सेमीफाइनल में पहुंचे गुवाहाटी में सीजेपी के आशुतोष रांका और उनकी टीम को पुलिस ने लिया हिरासत में पितृपक्ष: प्रतिप्रदा श्राद्ध पर काशी में गंगा तट पर उमड़े श्रद्धालु,पूर्वजों का पिंडदान और तर्पण किया रांची रेलवे स्टेशन से अपहृत चार वर्षीय बच्चा साहिबगंज से सकुशल बरामद, पांच आरोपित गिरफ्तार यूजीसी और एससी एसटी एक्ट के विरोध में भूख हड़ताल पर बैठे प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हटाया मन की बातः सर्जिकल स्ट्राइक के 10 वर्ष, प्रधानमंत्री ने कहा, दुनिया अब जानती है, आतंकवाद बर्दाश्त नहीं प्रधानमंत्री मोदी के ' मन की बात'- जनगणना राष्ट्रीय दायित्व, आतंकवाद पर आंख उठाने वालों को भारत देगा करारा जवाब अमेठी : मछली पकड़ने गए किशोर की पानी में डूबने से मौत आकाशीय बिजली गिरने से पेड़ गिरा, नीचे दबकर बुजुर्ग की मौत सऊदी अरब में मौत की सजा का सामना कर रहे श्रीलंकाई तमिल युवक के समर्थन में अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कार्यकर्ता, भारत से भी हस्तक्षेप की अपील सऊदी अरब में मौत की सजा का सामना कर रहे श्रीलंकाई तमिल युवक के समर्थन में अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कार्यकर्ता, भारत से भी हस्तक्षेप की अपील एशियन गेम्स 2026: भारतीय पुरुष और महिला कंपाउंड तीरंदाजी टीमें सेमीफाइनल में नेपाल की नारायणी नदी में उफान से कुशीनगर में बाढ़ का खतरा, दियारा के कई गांवों में बढ़ी चिंता धान के खेत में मृत पाए गए तीन हाथी, करंट लगने की आशंका नेपाल में बारिश ने मचाई तबाही: नदियां खतरे के निशान से ऊपर, 25 मकान बहे, पुल और सड़कें क्षतिग्रस्त, हजारों लोग प्रभावित प. बंगालः हल्दी नदी में 15 यात्रियों से भरी नाव पलटी, यात्री किनारे पहुंचे राजस्थान में बदला मौसम का मिजाज, 16 जिलों में आज बारिश का अलर्ट नेपाल : कालीगंडकी नदी में भीषण बाढ़, स्यांगजा-गुल्मी को जोड़ने वाला पुल बहा नेपाल के कालीगंडकी नदी में भीषण बाढ़, पर्वत के जलजला में करीब दो दर्जन घर बहे मध्य प्रदेश में विदाई से पहले मानसून का जोर, रीवा-सतना समेत 7 जिलों में आज तेज बारिश का अलर्ट उज्जैन में दोहरे हत्याकांड के दो फरार आरोपिताें का शॉर्ट एनकाउंटर, पुलिस की गाड़ी से कूदकर भागे, पैर में लगी गाेली नेपाल सुप्रीम कोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस चोलेन्द्र शमशेर राणा गिरफ्तार नेपाल के सप्तरी में बाढ़ का कहर, 500 घर डूबे; 2 हजार से अधिक लोग प्रभावित ओडिशा टी20 लीग: राउरकेला सुपरस्टार्स ने भुवनेश्वर टाइगर्स को तीन विकेट से हराया

पीएम बालेंद्र के भारत के साथ भूमि विवाद वाले बयान पर विदेश मंत्रालय की सफाई

01 Jun 2026



काठमांडू, 01 जून (एजेंंसी)। नेपाल के विदेश मंत्रालय ने प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह के उस बयान पर सफाई दी है, जिसमें उन्होंने भारत की भूमि पर नेपाल का अतिक्रमण बताया था। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि उनकी यह टिप्पणी 'सीमा पार भूमि उपयोग' (क्रॉस-बॉर्डर ऑक्युपेशन) की तकनीकी अवधारणा से जुड़ी हुई थी।


विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लोक बहादुर पौडेल क्षेत्री ने सोमवार को एक बयान में कहा कि प्रधानमंत्री की टिप्पणी सीमा स्तंभों, दशगजा (नो-मैन्स लैंड) और सीमा पार भूमि उपयोग से संबंधित मुद्दों की ओर संकेत करती है। उन्होंने बताया कि तकनीकी अध्ययनों के आधार पर ऐसे कुछ क्षेत्र हैं, जहां नेपाल द्वारा उपयोग की जा रही भूमि भारतीय क्षेत्र में पड़ सकती है। इसी प्रकार कुछ ऐसे क्षेत्र भी हैं, जहां भारत द्वारा उपयोग की जा रही भूमि नेपाल की सीमा के भीतर हो सकती है।


प्रवक्ता ने कहा कि यह मुख्य रूप से नो-मैन्स लैंड पर अतिक्रमण और सीमा पार भूमि उपयोग से संबंधित विषय है, जिसका अर्थ है कि सीमा के आर-पार भूमि का उपयोग किया जाना। विदेश मंत्रालय ने दोहराया कि नेपाल की आधिकारिक अंतरराष्ट्रीय सीमा का निर्धारण सुगौली संधि के आधार पर किया गया है। मंत्रालय ने यह भी कहा कि लिपुलेख, लिम्पियाधुरा, कालापानी और सुस्ता जैसे क्षेत्रों का सीमांकन अभी भी पूरी तरह से संपन्न नहीं हुआ है।


बयान के अनुसार नदी आधारित सीमाओं और नदियों के बहाव मार्ग में समय-समय पर होने वाले बदलावों के कारण ऐसी स्थितियां उत्पन्न हुई हैं, जहां एक देश के नागरिक दूसरे देश की सीमा के भीतर आने वाली भूमि का उपयोग कर रहे हैं। मंत्रालय ने बताया कि नेपाल और भारत के तकनीकी दल सीमा स्तंभों की मरम्मत, नो-मैन्स लैंड में अतिक्रमण की निगरानी तथा सीमा पार भूमि उपयोग से संबंधित आंकड़े एकत्र करने जैसे कार्यों में लगे हुए हैं। नेपाल की आधिकारिक स्थिति को दोहराते हुए विदेश मंत्रालय ने कहा कि सरकार ऐतिहासिक संधियों, मानचित्रों और द्विपक्षीय समझौतों के आधार पर कूटनीतिक संवाद के माध्यम से सभी सीमा विवादों का समाधान करने के लिए प्रतिबद्ध है।


यह स्पष्टीकरण ऐसे समय में आया है, जब प्रधानमंत्री शाह के संसदीय बयान के बाद राजनीतिक बहस तेज हो गई है। विपक्षी दलों, कानूनी विशेषज्ञों और आम नागरिकों की ओर से इस बयान की व्यापक आलोचना की जा रही है। हालांकि, भारत सरकार की ओर से अभी तक इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

Latest News