24 Aug 2026
नई दिल्ली, 24 अगस्त (इंद्रप्रस्थ न्यूज)। कांग्रेस अध्यक्ष एवं राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर सरकारी रिक्त पदों, सार्वजनिक उपक्रमों (PSU) में स्थायी नौकरियों में कमी और ठेका भर्ती को लेकर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार "पिछले दरवाजे" से आरक्षण की व्यवस्था को कमजोर करने की नीति पर काम कर रही है।
सोमवार को जारी अपने बयान में खरगे ने कहा कि वर्ष 2015 में केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में 4.21 लाख पद रिक्त थे, जो 2024 तक बढ़कर 8.24 लाख हो गए। उन्होंने दावा किया कि रेलवे में लगभग 2.40 लाख, रक्षा मंत्रालय में 2.41 लाख और गृह मंत्रालय में 1.10 लाख पद खाली हैं।
कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में 5.1 लाख स्थायी नौकरियां समाप्त हो चुकी हैं और ठेका कर्मचारियों की हिस्सेदारी 19 प्रतिशत से बढ़कर 49 प्रतिशत हो गई है। उनके अनुसार यह केवल रोजगार का मुद्दा नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और आरक्षण से जुड़े संवैधानिक अधिकारों का भी प्रश्न है।
खरगे ने कहा कि यदि सरकारी पद लंबे समय तक खाली रखे जाते हैं, सार्वजनिक उपक्रमों का निजीकरण किया जाता है और स्थायी नौकरियों को ठेका व्यवस्था में बदला जाता है, तो आरक्षण के अवसर स्वतः कम हो जाते हैं। उनका आरोप है कि आरक्षण को कमजोर करने के लिए संविधान में संशोधन की आवश्यकता नहीं है, बल्कि आरक्षण वाले रोजगार के अवसर समाप्त करना ही पर्याप्त है।
उन्होंने भाजपा पर अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के संवैधानिक अधिकारों को कमजोर करने का आरोप लगाया। खरगे ने कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के संविधान से मिले सामाजिक न्याय के अधिकारों को योजनाबद्ध तरीके से कमजोर करने की कोशिश की जा रही है।
हालांकि, केंद्र सरकार और भाजपा पहले भी इन आरोपों को खारिज करती रही है। सरकार का कहना रहा है कि विभिन्न विभागों में भर्ती प्रक्रिया निरंतर जारी है, रिक्त पदों को चरणबद्ध तरीके से भरा जा रहा है तथा आरक्षण संबंधी संवैधानिक प्रावधानों के प्रति सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। भाजपा का यह भी कहना रहा है कि उसकी नीतियों का उद्देश्य रोजगार के अवसर बढ़ाना और प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना है।