26 Sep 2026
नई दिल्ली, 26 सितंबर (इंद्रप्रस्थ न्यूज)। उत्तर भारत के बड़े हिस्से में शनिवार को लगातार बारिश ने जनजीवन की रफ्तार थाम दी। उत्तर प्रदेश में पिछले करीब 48 घंटे से जारी बारिश के बीच अलग-अलग वर्षा जनित हादसों में कम से कम 21 लोगों की मौत होने की सूचना है। 32 जिलों में अचानक बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। कई शहरों और कस्बों की निचली बस्तियों में पानी भर गया है, सड़क यातायात प्रभावित हुआ है और तेज हवाओं के कारण पेड़ तथा बिजली के खंभे गिरने की घटनाएं सामने आई हैं। ग्रामीण इलाकों में खड़ी खरीफ फसलों के गिरने से किसानों की चिंता भी बढ़ गई है। राज्य में पिछले 24 घंटे के दौरान औसतन 52.5 मिमी वर्षा हुई है। इस तरह इस साल सूबे में एक जून से अब तक अपेक्षित बारिश का कोटा 738 मिमी के सापेक्ष अब तक 751.9 मिमी बारिश हो चुकी है।
डिप्टी सीएम हेलीकॉप्टर छोड़ सड़क मार्ग से गाजीपुर गए
काशी में शनिवार को मौसम की खराबी के कारण सूबे के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक का हेलीकॉप्टर गाजीपुर जाने के लिए उड़ान नहीं भर सका। नतीजतन, उन्हें सड़क मार्ग से गाजीपुर जाना पड़ा। उन्नाव में गंगा एक्सप्रेसवे पर कुछ हिस्से में करीब ढाई-तीन फुट पानी भर गया। इसी तरह लखनऊ शहर में सड़क धंस गई। राज्य की राजधानी लखनऊ में शुक्रवार सुबह 8:30 बजे से शनिवार सुबह 5:30 बजे तक 21 घंटे में 125.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में शनिवार को अत्यधिक भारी बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी है। रविवार को भी पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी तथा पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बहुत भारी बारिश की संभावना है।
बारिश से बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर, अयोध्या, सीतापुर, सुल्तानपुर और अमेठी समेत कई जिलों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। कई स्थानों पर पेड़ और बिजली के खंभे गिरने से आवागमन बाधित हुआ। लखनऊ सहित कई जिलों में एहतियातन कक्षा 12 तक के स्कूल बंद रखे गए हैं। राज्य के राहत आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद ने रेड और ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों के जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस कर स्थिति और तैयारियों की समीक्षा की तथा अधिकारियों को मैदान में सक्रिय रहने और आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। बारिश के दौरान कई शहरों में इंस्टेंट होम डिलीवरी सर्विसेज (जोमैटो, ब्लिंकट और जेप्टो आदि) भी प्रभावित होने की जानकारी मिली है। चित्रकूट में मंदाकिनी नदी खतरे के निशान के ऊपर बह रही है।
उप्र में 21 लोगों की मौत
उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से प्राप्त रिपोर्टों के अनुसार वर्षा जनित हादसों में कम से कम 21 लोगों की मौत हुई है। इनमें लखीमपुर में दीवार गिरने और ट्राली की टक्कर से कुल 5 लोगों की मौत हुई। बाराबंकी में 4, आगरा में 3, सीतापुर मे 2, बलरामपुर में 2 तथा बहराइच, हमीरपुर, फतेहपुर, अयोध्या और प्रयागराज में एक-एक व्यक्ति की मौत हुई है। ये मौतें दीवार, छप्पर, मकान और पेड़ गिरने की घटनाओं में हुई हैं। बलरामपुर में विद्युत कंट्रोल रूम में पानी भरने से करीब 500 गांवों की विद्युत आपूर्ति ठप हो गई है।
आईएमडी ने आगाह किया है कि लगातार बारिश से कुछ जलग्रहण क्षेत्रों में अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) का खतरा पैदा हो सकता है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 26 सितंबर को अत्यधिक भारी बारिश और 27 सितंबर को भारी बारिश की चेतावनी है, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में शनिवार को अत्यधिक और रविवार को बहुत भारी बारिश का अनुमान है।
बारिश का असर उत्तराखंड में भी व्यापक है। मौसम विभाग के रेड और ऑरेंज अलर्ट को देखते हुए चारधाम यात्रा 27 सितंबर तक स्थगित कर दी गई है। राज्य के पांच जिलों में कक्षा 12 तक के स्कूल भी एहतियातन बंद किए गए हैं। गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप के आदेश के अनुसार यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए 26 सितंबर की दोपहर से यात्रा स्थगित की गई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लोगों और पर्यटकों से अनावश्यक यात्रा से बचने तथा नदियों-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है। अधिकारियों को भूस्खलन संभावित क्षेत्रों, पहाड़ी सड़कों और चारधाम मार्गों की लगातार निगरानी तथा राहत-बचाव दल और मशीनरी तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। फिलहाल राज्य में किसी जनहानि या बड़े नुकसान की सूचना नहीं है।
नेपाल में बारिश का असर
उधर पड़ोसी नेपाल में लगातार तीसरे दिन की बारिश ने काठमांडू को जोड़ने वाले प्रमुख मार्गों को प्रभावित किया है। बाढ़ और भूस्खलन के कारण पृथ्वी राजमार्ग के कई हिस्सों में यातायात बाधित हुआ है, जबकि काभ्रेपलांचोक में बाढ़ ने बीपी राजमार्ग पर बनाए गए अस्थायी डायवर्जन बहा दिए। हेटौंडा-काठमांडू मार्गों पर भी भूस्खलन के कारण यातायात प्रतिबंधित किया गया है। नेपाल के सड़क विभाग के अनुसार धादिंग में कृष्णभीर क्षेत्र में सड़क का एक हिस्सा धंसने और मलबा आने के बाद यातायात पर रोक लगाई गई है।
नेपाल में लगातार बारिश के बीच कई अन्य प्रमुख राजमार्गों पर भी यातायात प्रतिबंध लगाए गए हैं। प्रशासन ने भूस्खलन के खतरे वाले मार्गों पर आवाजाही रोकने या सीमित करने के कदम उठाए हैं।
दिल्ली-एनसीआर में मौसम सुहावना
इस बीच राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और एनसीआर में मौसम का मिजाज अपेक्षाकृत सुहावना हो गया है। शनिवार सुबह दिल्ली, नोएडा और आसपास के इलाकों में बादल छाए रहे और कई स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी हुई। आईएमडी ने दिल्ली-एनसीआर में 26 और 27 सितंबर को हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना जताई है। इस दौरान हवाओं की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।
रविवार को भी अलर्ट
इस तरह उत्तर भारत में एक ओर मैदानी इलाकों में जलभराव और फसल नुकसान की चिंता है, तो दूसरी ओर पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और सड़क संपर्क बाधित होने का खतरा बना हुआ है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मद्देनजर अगले 24 से 48 घंटे कई क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण रहेंगे।