30 Sep 2026
नई दिल्ली, 30 सितंबर (इंद्रप्रस्थ न्यूज)। दिल्ली उच्च न्यायालय ने आईआरसीटीसी और रेल मंत्रालय से ऑनलाइन टिकट आरक्षण प्रणाली में कथित अनियमितताओं और दुरुपयोग की शिकायतों पर आज सुनवाई करते हुए जवाब तलब किया है। चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय की बेंच ने केंद्र सरकार और रेलवे के वकील को एक हफ्ते के भीतर निर्देश प्राप्त कर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई बुधवार यानि 7 अक्टूबर को होगी।
याचिका वकील उत्तम कुमार ने दायर की है। याचिका में पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम (पीआरएस) के स्वतंत्र और तकनीकी ऑडिट की मांग की गई है। याचिका में टिकट बुकिंग के दौरान बार-बार तकनीकी खराबी आने, बिना टिकट बुक हुए यात्रियों के खाते से पैसे कट जाने और रिफंड में देरी होने, बॉट्स, अनधिकृत एजेंटों और ऑटोमेटेड सॉफ्टवेयर द्वारा टिकटों की बल्क बुकिंग और कथित दुरुपयोग जैसी प्रमुख समस्याओं का जिक्र किया गया है।
याचिका में आरोप लगाया गया है कि आईआरसीटीसी और रेलवन जैसे संबद्ध डिजिटल प्लेटफॉर्म पर विशेष कोटा, आरएसी बर्थ और वेटिंग लिस्ट के टिकटों के आवंटन में कोई पारदर्शिता नहीं है। कोर्ट में सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील ने दलील दी कि यदि इस मामले पर जल्द फैसला या सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए, तो आगामी त्योहारी सीजन (जैसे दिवाली और छठ) के दौरान आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। इस पर कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे 07 अक्टूबर 2026 को अगली सुनवाई करने और केंद्र सरकार के वकील को एक सप्ताह के भीतर निर्देश लेकर आने का निर्देश दिया।