30 Sep 2026
जबलपुर, 30 सितंबर (एजेंसी)। बहुचर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की जबलपुर पीठ में बुधवार को मुख्य आरोपित सास गिरीबाला सिंह की जमानत अर्जी पर सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान सीबीआई की जांच रिपोर्ट और चार्जशीट के निष्कर्षों का हवाला दिया गया। इसमें बताया गया कि मृतका के परिजनों की ओर से लगाए गए दहेज प्रताड़ना के आरोपों की पुष्टि के लिए जांच एजेंसी को पर्याप्त ठोस साक्ष्य नहीं मिले हैं।
सीबीआई की चार्जशीट के अनुसार, जांच के दौरान वैवाहिक जीवन में दहेज की मांग किए जाने या अतिरिक्त नकदी अथवा संपत्ति के लिए मृतका को प्रताड़ित करने का प्रत्यक्ष प्रमाण सामने नहीं आया। जांच एजेंसी ने इस संबंध में गवाहों के बयान, बैंक खातों से जुड़े लेन-देन और मृतका के परिजनों की ओर से लगाए गए आरोपों की जांच की। इसके बावजूद दहेज प्रताड़ना की पुष्टि करने वाला पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने की बात चार्जशीट में सामने आई है।
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सुरेंद्र सिंह ने सीबीआई की जांच रिपोर्ट और चार्जशीट के निष्कर्षों को आधार बनाते हुए जमानत का पक्ष रखा। उन्होंने अदालत के समक्ष तर्क दिया कि जांच एजेंसी को दहेज की मांग या प्रताड़ना से जुड़े ठोस साक्ष्य नहीं मिले हैं।
मामले की सुनवाई के दौरान उच्च न्यायालय ने बचाव पक्ष को मूल जमानत आवेदन में आवश्यक संशोधन करने के निर्देश दिए। न्यायालय ने वरिष्ठ अधिवक्ता सुरेंद्र सिंह से कहा कि जमानत आवेदन में दहेज प्रताड़ना से जुड़े उन संदर्भों को हटाया या संशोधित किया जाए, जो सीबीआई की मौजूदा जांच रिपोर्ट के निष्कर्षों से मेल नहीं खाते।
हाईकोर्ट ने संशोधित दस्तावेज प्रस्तुत किए जाने के बाद मामले की आगे सुनवाई के लिए इसे सूचीबद्ध किया है। प्रकरण में अगली सुनवाई 8 अक्टूबर को होगी। फिलहाल अदालत के समक्ष सास गिरीबाला सिंह की जमानत अर्जी पर सुनवाई जारी है।