25 Sep 2026
नई दिल्ली, 25 सितंबर (इंद्रप्रस्थ न्यूज)। चार महिला पहलवानों ने यौन शोषण के मामले में भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष और भाजपा नेता बृजभूषण शरण सिंह और भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व सचिव विनोद तोमर को बरी करने के ट्रायल कोर्ट के आदेश को राऊज एवेन्यू कोर्ट के सेशंस कोर्ट में चुनौती दी है। स्पेशल जज दिग्विनय सिंह इन याचिकाओं पर कल यानी 26 सितंबर को सुनवाई करेंगे।
चार महिला पहलवानों ने राऊज एवेन्यू कोर्ट के मजिस्ट्रेट कोर्ट के 3 अगस्त के आदेश को सेशंस कोर्ट में चुनौती दी है। महिला पहलवानों ने कहा है कि मजिस्ट्रेट कोर्ट का आदेश गलत है और ये फैसला चुनिंदा साक्ष्यों के आधार पर दिया गया है। याचिका में कहा गया है कि मजिस्ट्रेट कोर्ट ने स्थापित कानूनी प्रक्रियाओं की अनदेखी की है।
मजिस्ट्रेट कोर्ट ने 3 अगस्त को अपने आदेश में पीड़ित महिला पहलवानों की ओर से लंबे समय तक चुप करने और आरोपितों से सामान्य संबंध जारी रहने के आधार पर बृजभूषण शरण सिंह और विनोद तोमर को बरी करने का आदेश दिया था। इस मामले में दिल्ली पुलिस की ओर से दाखिल चार्जशीट में भारतीय दंड संहिता की धारा 354, 354डी, 354ए और 506 (1) के तहत आरोप लगाए गए थे। सुनवाई के दौरान बृजभूषण शरण सिंह की ओर से कहा गया था कि 7 सितंबर, 2022 को घटना वाले दिन वह भारत में नहीं थे। बृजभूषण के वकील राजीव मोहन ने कहा था कि ओवरसाइट कमेटी की रिपोर्ट दिल्ली पुलिस कमिश्नर को केंद्र सरकार ने भेजी थी।
राजीव मोहन ने कहा था कि महिला पहलवानों का पहला विरोध प्रदर्शन 18 जनवरी, 2023 को जंतर-मंतर पर था। 19 जनवरी, 2023 को एक पहलवान ने सरकार से मुलाकात कर कहा कि मैं अपना मामला सरकार के सामने रखना चाहता हूं।
सुनवाई के दौरान महिला पहलवानों की ओर से वकील रेबेका जॉन ने कहा था कि ओवर साइट कमेटी नियमों के हिसाब से नहीं बनाई गई थी। उन्होंने कहा था कि जिन आरोपों के तहत चार्जशीट दाखिल हुई, उसी के तहत आरोप तय होने चहिए।