10 Sep 2026
नई दिल्ली, 10 सितंबर (एजेंसी)। उच्चतम न्यायालय ने तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी के निजी सहयोगी सुमित राय की जमीन हड़पने के मामले में दायर अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया।
सुनवाई के दौरान पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि शालबनी में जमीन कब्जा करने के मामले में सुमित राय कथित तौर पर सहयोग नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस को उनसे हिरासत में पूछताछ करने की जरुरत है। इस पर सुमित राय के वकील गोपाल शंकरनारायणन ने कहा कि वह कोर्ट के निर्देश के मुताबिक पुलिस के सामने 11 बार पेश हुए हैं। उनसे 88 घंटे पूछताछ की गई है। उन्होंने कहा कि संविधान के तहत उन्हें चुप रहने का अधिकार है।
इसके पहले कोर्ट ने 6 अगस्त को सुमित राय की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी। उच्चतम न्यायालय ने सुमित राय को जांच में शामिल होकर सहयोग करने का निर्देश दिया था। इसके पहले कलकत्ता उच्च न्यायालय ने सुमित राय को अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया था। उच्च न्यायालय ने कहा था कि जांच के इस पड़ाव में हिरासत में लेकर पूछताछ से इनकार नहीं किया जा सकता है। शालबनी मामला पश्चिम मेदिनीपुर जिले में करीब 300 एकड़ सरकारी जमीन के कथित फर्जीवाड़े और घोटाले से जुड़ा हुआ है।