21 Jul 2026
रांची, 21 जुलाई (एजेंसी)। राजधानी रांची के चर्चित एक्स्ट्रीम बार डीजे संचालक संदीप प्रमाणिक हत्याकांड में अपर न्यायायुक्त शैलेन्द्र कुमार की अदालत ने मंगलवार को अभिषेक सिंह उर्फ विक्की समेत 10 दोषियों को नौ-नौ वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने सभी दोषियों पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। इससे एक दिन पहले सोमवार को अदालत ने सभी आरोपितों को गैर इरादतन हत्या और आर्म्स एक्ट के तहत दोषी करार दिया था।
सजा पाने वालों में अभिषेक सिंह उर्फ विक्की, अशोक कुमार सिंह, मोहम्मद शामिरूदीन, प्रतीक, मृत्युंजय कुमार, प्रकाश कुमार, दिवाकर उपाध्याय, आलोक दीवा, पंकज कुमार और सुमित कुमार शामिल हैं।
अभियोजन के अनुसार, संदीप प्रमाणिक मूल रूप से पश्चिम बंगाल के निवासी थे और रांची के एक्स्ट्रीम बार में डीजे संचालक के रूप में कार्यरत थे। 26 मई 2024 की देर रात बार बंद होने के बाद चार से पांच युवक वहां पहुंचे, जहां उनका बार कर्मचारियों के साथ किसी बात को लेकर विवाद हो गया। देखते ही देखते विवाद मारपीट में बदल गया और दोनों पक्षों के बीच झड़प हुई।
अभियोजन के मुताबिक, मारपीट की घटना के बाद अभिषेक सिंह अपने साथियों के साथ वहां से चला गया, लेकिन कुछ देर बाद बदला लेने की योजना बनाई। वह सेल सिटी स्थित अपने किराये के आवास पहुंचा, जहां से राइफल लेकर दोबारा एक्स्ट्रीम बार पहुंचा। आरोप है कि बार के भीतर प्रवेश करते ही उसने संदीप प्रमाणिक की छाती में गोली मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना के बाद अभिषेक ने बार की पार्किंग में भी कई राउंड फायरिंग की और अपने साथियों के साथ कार से फरार हो गया। सूचना मिलने पर अगले दिन तड़के रांची के तत्कालीन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) और नगर पुलिस उपाधीक्षक (सिटी डीएसपी) घटनास्थल पहुंचे तथा बार के कर्मचारियों से पूछताछ कर मामले की जांच शुरू की।
जांच के दौरान बार में हुए विवाद और गोलीबारी की पूरी घटना वहां लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद मिली। इसी वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने मुख्य आरोपित अभिषेक सिंह सहित कुल 14 लोगों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। गिरफ्तार आरोपितों में अभिषेक के पिता अशोक कुमार सिंह, उसके सहयोगी तथा बार से जुड़े कई अन्य लोग भी शामिल थे।
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर अपना पक्ष रखा। साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने अभिषेक सिंह समेत 10 आरोपितों को गैर इरादतन हत्या और आर्म्स एक्ट के तहत दोषी ठहराते हुए नौ-नौ वर्ष के कारावास तथा 50-50 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।------------