30 Jul 2026
कोलकाता, 30 जुलाई (इंद्रप्रस्थ न्यूज)। बारुईपुर मुठभेड़ मामले में कलकत्ता उच्च न्यायालय ने जिला पुलिस से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। अदालत ने निर्देश दिया है कि पुलिस हलफनामे के माध्यम से बताए कि मुख्य आरोपित को आधी रात में घटनास्थल पर पुनर्निर्माण के लिए क्यों ले जाया गया और वहां आखिर क्या-क्या हुआ। मामले की अगली सुनवाई 18 अगस्त को होगी। उससे पहले पुलिस को अपना हलफनामा दाखिल करना होगा।
यह मामला बारुईपुर में एक किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म के बाद हत्या की घटना से जुड़ा है। इस मामले में पुलिस ने चार आरोपितों को गिरफ्तार किया था। इनमें मुख्य आरोपितों में शामिल प्रभास मंडल की बाद में पुलिस मुठभेड़ में मौत हो गई थी।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तारी के कुछ दिन बाद प्रभास मंडल को घटना का पुनर्निर्माण कराने के लिए रात में घटनास्थल पर ले जाया गया था। इसी दौरान उसने कथित रूप से पुलिसकर्मी का हथियार छीनकर गोली चला दी और भागने का प्रयास किया। आत्मरक्षा में पुलिस की जवाबी गोलीबारी में उसकी मौत हो गई।
इस मुठभेड़ की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए एक अधिवक्ता ने कलकत्ता हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की है। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विकासरंजन भट्टाचार्य ने अदालत में पक्ष रखा।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश तपोब्रत चक्रवर्ती और न्यायमूर्ति पार्थसारथी चट्टोपाध्याय की खंडपीठ ने जिला पुलिस को पूरे घटनाक्रम का विस्तृत हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया।
याचिकाकर्ता के वकील ने अदालत में दावा किया कि मुठभेड़ को लेकर पुलिस की ओर से पेश किया गया घटनाक्रम संदिग्ध प्रतीत होता है। उनका कहना था कि आरोपित को पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था के बिना देर रात घटनास्थल पर ले जाया गया। उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि क्या पूरी प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग की गई थी।
राज्य सरकार की ओर से इन आरोपों का खंडन किया गया। सरकारी वकील ने अदालत को बताया कि आरोपित ने अपराध स्वीकार किया था, इसलिए उसे घटनास्थल पर पुनर्निर्माण के लिए ले जाया गया। वहां आरोपी ने पुलिस पर गोली चला दी, जिसके बाद आत्मरक्षा में पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की और प्रभास मंडल की मौत हो गई।
हाई कोर्ट ने बारुईपुर के पुलिस अधीक्षक अरविंद कुमार आनंद को पूरे मामले का विस्तृत हलफनामा अदालत में दाखिल करने का निर्देश दिया है।
उधर, इस मुठभेड़ की जांच राज्य पुलिस के आपराधिक जांच विभाग (सीआईडी) को सौंप दी गई है। सीआईडी ने मामले की जांच शुरू कर दी है और जांच में शामिल पुलिस अधिकारियों के बयान भी दर्ज किए हैं। वहीं, सामूहिक दुष्कर्म और हत्या के मामले के अन्य आरोपित फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।----------------