27 Feb 2026
नई दिल्ली, 27 फ़रवरी (हि.स.)। दिल्ली आबकारी घोटाला मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की ओर से दर्ज मामले में पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया समेत 23 आरोपितों को बरी करने के ट्रायल कोर्ट के आदेश को जांच एजेंसी ने दिल्ली उच्च न्यायालय में चुनौती दी है। राऊज एवेन्यू कोर्ट ने शुक्रवार काे ही सभी आरोपितों को बरी करने का आदेश दिया था। राऊज एवेन्यू कोर्ट ने कहा था कि चार्जशीट में काफी विरोधाभास हैं। कोर्ट ने कहा कि हजारों पेज के चार्जशीट में जो तथ्य पेश किए गए हैं वे गवाहों के बयानों से मेल नहीं खाते। राऊज एवेन्यू कोर्ट ने कहा था कि इस मामले में मनीष सिसोदिया करीब 530 दिन जेल में रहे। अरविंद केजरीवाल दो बार के अंतराल में 156 दिन जेल में रहे। केजरीवाल 13 सितंबर 2024 को तब रिहा हुए जब उच्चतम न्यायालय ने सीबीआई के मामले में जमानत दी। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कई बार सीबीआई पर नाराजगी जताई और उसके चार्जशीट पर सवाल उठाया। कोर्ट ने कहा कि सीबीआई ने जो दस्तावेज दिए वे चार्जशीट से मेल नहीं खाते हैं। इस मामले में सीबीआई ने केजरीवाल और सिसोदिया समेत 23 लोगों को आरोपित बनाया था। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 21 मार्च 2024 को केजरीवाल को पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया था। 10 मई को उच्चतम न्यायालय ने केजरीवाल को एक जून तक की अंतरिम जमानत दी थी जिसके बाद केजरीवाल ने 02 जून 2024 को सरेंडर किया था। केजरीवाल को 26 जून 2024 को सीबीआई ने गिरफ्तार किया था। ईडी ने 10 मई 2024 को छठी पूरक चार्जशीट दाखिल की थी जिसमें भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) नेता के. कविता, चनप्रीत सिंह, दामोदर शर्मा, प्रिंस कुमार, अरविंद सिंह को आरोपित बनाया गया है। कोर्ट ने 29 मई को छठे पूरक चार्जशीट पर संज्ञान लिया था। उच्चतम न्यायालय ने 27 अगस्त को के. कविता को सीबीआई और ईडी के मामले में जमानत दी थी। उच्चतम न्यायालय ने 13 सितंबर 2024 को केजरीवाल को सीबीआई के मामले में नियमित जमानत दी थी। उसके पहले उच्चतम न्यायालय ने 12 जुलाई 2024 को ईडी के मामले में केजरीवाल को अंतरिम जमानत दी थी।