11 Jul 2026
नई दिल्ली, 11 जुलाई (इंद्रप्रस्थ न्यूज)। दिल्ली के राऊज एवेन्यू सेशंस कोर्ट ने शनिवार को भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के बारे में कथित अपमानजनक बयान के मामले में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग पर सुनवाई की। स्पेशल जज जीतेंद्र सिंह ने याचिकाकर्ता को निर्देश दिया कि वो कर्नाटक में दिए गए खरगे के बयान संबंधी खबर का लिंक कोर्ट में दाखिल करें। मामले की अगली सुनवाई 6 अगस्त को होगी।
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील गगन गगन गांधी ने दलीलें रखते हुए कर्नाटक उच्च न्यायालय के उस समन का जिक्र किया, जिसमें मल्लिकार्जुन खरगे के पुत्र प्रियांक खरगे को संघ के खिलाफ बयान देने के बाद समन जारी किया था। गगन गांधी ने कहा कि ये मामला भी संघ के खिलाफ बयान देने का है, इसलिए इस मामले में भी एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया जाए।
इसके पहले की सुनवाई के दौरान मल्लिकार्जुन खरगे की ओर से वरिष्ठ वकील रेबेका जॉन ने दलीलें रखी थीं। उन्होंने कहा था कि मजिस्ट्रेट कोर्ट ने एफआईआर दर्ज करने की मांग खारिज कर कानून सम्मत फैसला किया है।
इसके पहले याचिकाकर्ता रविंद्र गुप्ता की ओर से पेश वकील गगन गांधी ने दलीलें रखी थीं। उन्होंने कहा था कि याचिकाकर्ता संघ से जुड़े होने के नाते मल्लिकार्जुन खरगे के बयानों से आहत है। उन्होंने खरगे पर एफआआईआर दर्ज करने की मांग की। खरगे की ओर से 20 मार्च को जवाब दाखिल किया गया गया था। इस मामले में तीस हजारी स्थित मजिस्ट्रेट कोर्ट ने खरगे के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग को खारिज कर दिया था, जिसके बाद याचिकाकर्ता रविंदर गुप्ता ने सेशंस कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। कोर्ट ने 29 जनवरी को खरगे को नोटिस जारी किया था।
दरअसल 13 दिसंबर 2024 को तीस हजारी स्थित मजिस्ट्रेट कोर्ट ने कांग्रेस अध्यक्ष खरगे के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश देने से इनकार कर दिया था। खरगे राज्यसभा के सांसद हैं इसलिए उनके खिलाफ अब राऊज एवेन्यू स्थित एमपी-एमएलए कोर्ट में याचिका दायर की गई है। याचिका संघ के सदस्य रविंद्र गुप्ता ने दायर की है। याचिका में कहा गया है कि खरगे ने 27 अप्रैल 2023 को कर्नाटक में विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा और संघ के बारे में अपमानजनक बयान दिए। खरगे ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए। बाद में मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि उन्होंने जो बयान दिया था वो प्रधानमंत्री के खिलाफ नहीं बल्कि संघ और भाजपा के खिलाफ था।
याचिकाकर्ता की ओर से वकील गगन गांधी ने कहा कि संघ का सदस्य होने के नाते याचिकाकर्ता मल्लिकार्जुन खरगे के बयानों से आहत है। इस मामले में कोर्ट ने सब्जी मंडी पुलिस थाने को एक्शन टेकन रिपोर्ट दाखिल करने को कहा था। सब्जी मंडी थाने की पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि बयान कर्नाटक में दिए गए हैं और वो सब्जी मंडी थाने के क्षेत्राधिकार में नहीं आता है।