29 Jan 2026
नई दिल्ली, 29 जनवरी (हि.स.)। दिल्ली उच्च न्यायालय ने पूर्व नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो अधिकारी समीर वानखेड़े की ओर से आर्यन खान ड्रग्स मामले से जुड़े वेब सीरीज 'द बैड्स ऑफ बॉलीवुड' में अपने चित्रण को लेकर नेटफ्लिक्स, शाहरुख खान और सीरीज के निर्माताओं के खिलाफ दायर मानहानि याचिका खारिज कर दी है। जस्टिस पुष्पेन्द्र कौरव की बेंच ने याचिका खारिज करने का आदेश दिया। उच्च न्यायालय ने कहा कि ये कोर्ट इस याचिका पर सुनवाई करने के लिए उचित फोरम नहीं है। कोर्ट ने समीर वानखेड़े को उचित फोरम पर अपनी बात रखने की अनुमति दी। समीर वानखेड़े ने शाहरुख खान, उनकी पत्नी गौरी खान की कंपनी रेड चिलीज एंटरटेनमेंट और अन्य पक्षों से 2 करोड़ रुपये का हर्जाना मांगा था। समीर वानखेड़े ने कहा था कि वेब सीरीज में उनकी छवि गलत तरीके से पेश की गई है। इस वेब सीरीज के जरिए न केवल समीर वानखेड़े बल्कि जांच एजेंसी की छवि को खराब करने की कोशिश की गई है। याचिका में कहा गया था कि समीर वानखेड़े और आर्यन खान का मामला अभी बॉम्बे उच्च न्यायालय और ट्रायल कोर्ट में विचाराधीन है इसलिए इस, विषय पर वेब सीरीज का निर्माण करना कोर्ट के काम में हस्तक्षेप करने के बराबर है। याचिका में कहा गया था कि समीर वानखेड़े की छवि को हुए नुकसान की एवज में कोर्ट जो हर्जाना तय करे, उसे टाटा मेमोरियल अस्पताल को दे दिया जाए। वानखेड़े की याचिका में कहा गया था कि वेब सीरीज की सामग्री सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता के कई प्रावधानों का उल्लंघन करती है, क्योंकि यह अश्लील और आपत्तिजनक सामग्री के माध्यम से राष्ट्रीय भावनाओं को चोट पहुंचाने का प्रयास करती है।