21 Feb 2026
पूर्वी सिंहभूम, 21 फ़रवरी (हि.स.)। पूर्वी सिंहभूम जिले के पोटका प्रखंड अंतर्गत मानपुर पंचायत के सावनाडीह गांव में शनिवार को अफवाह ने सरकारी कार्य में गंभीर बाधा उत्पन्न कर दी। डिजिटल क्रॉप सर्वे के लिए पहुंचे कृषि विभाग के सर्वेयर तपन मन्ना को ग्रामीणों ने बच्चा चोर समझकर करीब दो घंटे तक बंधक बनाकर रखा। उन्हें गांव के जाहेर थान में बैठा दिया गया और स्पष्ट पहचान होने तक बाहर जाने की अनुमति नहीं दी गई। जानकारी के अनुसार राज्य सरकार के निर्देश पर पूरे झारखंड में डिजिटल क्रॉप सर्वे अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में तपन मन्ना सावनाडीह गांव पहुंचे थे। वे मोबाइल एप के माध्यम से किसानों की जमीन, फसल और प्लॉट से संबंधित आंकड़े दर्ज कर रहे थे। खेतों का भौतिक सत्यापन करते हुए वे अलग-अलग स्थानों पर जा रहे थे, जिससे कुछ ग्रामीणों को संदेह हुआ। गांव में पहले से बच्चा चोरी की अफवाह फैल रही थी। इसी पृष्ठभूमि में कुछ लोगों ने उन्हें संदिग्ध मान लिया। देखते ही देखते 50-60 की संख्या में ग्रामीण, जिनमें महिलाएं भी शामिल थीं, मौके पर जुट गए। उनसे पूछताछ की गई, मोबाइल फोन की जांच की गई और पहचान पत्र दिखाने को कहा गया। इसके बाद एहतियात के नाम पर उन्हें गांव के जाहेर थान में बैठा दिया गया। करीब दो घंटे तक वे वहीं बैठे रहे और ग्रामीण उनकी गतिविधियों पर नजर रखे रहे। घटना की सूचना मिलते ही मानपुर पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि तारिणी सेन सरदार, ग्राम प्रधान मंगल मांझी और किसान मित्र मौके पर पहुंचे। उन्होंने सर्वेयर के विभागीय पहचान पत्र और अधिकृत दस्तावेजों की जांच कर ग्रामीणों को समझाया कि वे कृषि विभाग की ओर से नियुक्त कर्मचारी हैं और सरकारी योजना के तहत सर्वे कार्य कर रहे हैं। काफी समझाने के बाद ग्रामीणों ने उन्हें मुक्त किया। सर्वेयर तपन मन्ना ने बताया कि उन्होंने गांव में आने से पहले स्थानीय जनप्रतिनिधियों को सर्वे की सूचना दी थी, फिर भी अफवाह के कारण उन्हें बंधक बनाकर रखा गया। उन्होंने घटना की जानकारी प्रखंड तकनीकी प्रबंधक (बीटीएम) कौशल झा को भी दी। कृषि विभाग के बीटीएम कौशल झा ने बताया कि पोटका प्रखंड में 2 लाख 79 हजार प्लॉट का डिजिटल क्रॉप सर्वे कराया जा रहा है। यह कार्य उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी के निर्देश पर किया जा रहा है, ताकि फसल संबंधी सटीक आंकड़े संकलित कर किसानों को योजनाओं का लाभ पारदर्शी ढंग से दिया जा सके। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे सर्वे टीम का सहयोग करें और किसी भी अपुष्ट अफवाह पर विश्वास न करें। पोटका थाना प्रभारी सन्नी टोप्पो ने कहा कि अफवाह के आधार पर किसी व्यक्ति को घेरना या बंधक बनाना कानूनन अपराध है। यदि किसी अजनबी पर संदेह हो तो तत्काल पुलिस को सूचना दें। उन्होंने चेतावनी दी कि कानून हाथ में लेने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी और क्षेत्र में जागरूकता अभियान चलाया जाएगा, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।