11 Mar 2026
नई दिल्ली, 11 मार्च (इंद्रप्रस्थ न्यूज)। इजराइल-ईरान और अमेरिका के बीच छिड़े युद्ध के कारण होर्मुज स्ट्रेट से तेल गैस के जहाजों का आवाजाही नहीं होने के कारण देश में पेट्रोलियम पदार्थों और गैस की किल्लत शुरू हो गई है। कई राज्यों में तो कमर्शियल गैस सिलेंडरों की कमी के कारण होटल उद्योग पर बुरा असर पड़ा है। कर्नाटक, गुजरात, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश आदि कई राज्यों में सरकारों ने इसके लिए एहतियाती कदम उठाए हैं। सरकार एस्मा लागू कर स्थिति संभालने का प्रयास कर रही है। इसके बावजूद हालत काबू से बाहर हो रहे हैं। ऐसे में विपक्ष ने इस मुद्दे को लपक लिया है।
समाजवादी पार्टी के मुखिया और लोकसभा सदस्य अखिलेश यादव ने एलपीजी संकट को लेकर एक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के माध्यम से सरकारी व्यवस्था और सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने एक वीडियो पोस्ट किया है, जिसमें सिलेंडर के साथ लोगों की बड़ी लम्बी लाइन लगी हुई है। इसके साथ ही उन्होंने तंज कसते हुए लिखा, "खाली हो गया भाजपा के ‘अच्छे दिनों’ का सिलेंडर!" अखिलेश यादव ने लिखा कि सिलेंडर की लाइन में घंटों लगने के बाद जब लोगों को ये बताया जा रहा है कि जब तक उपभोक्ता के पास डीएसी (डिलीवरी एथेंटिकेशन कोड नंबर नहीं होगा तब तक गैस का सिलेंडर नहीं मिलेगा, तब जनता में रोष-आक्रोश तो जन्मेगा ही। जनता कह रही है अगर डीएसी के लिए गैस कंपनियों का सर्वर डाउन है तो हम क्या करें, सर्वर चलाना तो सरकार की ज़िम्मेदारी है। पुरानी पासबुक दिखाने के बहाने सिलेंडर न देना अमानवीय है क्योंकि बच्चे-बुजुर्ग घरों में भूखे हैं। ये सारा खेल कालाबाज़ारी करनेवाले भाजपाई खेल रहे हैं। ब्लैकमार्केट में मजबूरी के मारे लोगों से उनकी मजबूरी के हिसाब से कई गुना तक दाम वसूले जा रहे हैं। अखिलेश यादव ने आगे लिखा, "कभी ऑक्सीजन के सिलेंडर के लिए जनता भटकी थी, अब खाने की गैस के सिलेंडर के लिए भटक रही है। भाजपा ने परिवारवालों को भुखमरी के कगार पर लाकर अनाथ छोड़ दिया है। भाजपा सरकार फेल हो गयी है और भाजपाई नेता नदारद हैं। अब क्या जनता के लिए भाजपाइयों के घरों से भोजन आएगा या भाजपाई पंडाल-पंगत लगाकर भूखी जनता का पेट भरेंगे।"