05 Aug 2026
नई दिल्ली / सलेम, 5 अगस्त (इंद्रप्रस्थ न्यूज)। लाल सागर (Red Sea) में अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग पर वाणिज्यिक जहाजों पर जारी हमलों के बीच एक बड़ा हादसा सामने आया है। यमन में हुदैदा बंदरगाह के तट के पास भारतीय ध्वज वाले मालवाहक पोत 'एमएसवी फैज़ नूरे ओलिया' (MSV Faize Noore Oliya) पर कल संदिग्ध हमला हुआ, जिसके बाद जहाज समुद्र में डूब गया।
राहत की बात यह रही कि जहाज पर सवार 13 भारतीय नाविकों सहित सभी 14 चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया है। भारत सरकार ने इस हमले पर गहरा दुख जताते हुए इसकी कड़े शब्दों में निंदा की है।
कैसे हुआ हादसा?
विदेश मंत्रालय और समुद्री एजेंसियों से मिली जानकारी के मुताबिक हमला यमन के हुदैदा बंदरगाह के पास लाल सागर के रणनीतिक जलमार्ग में हुआ।
पोत पर एक विस्फोटक सामग्री (प्रोजेक्टाइल) से हमला किया गया, जिसके बाद उसमें तेजी से पानी भरने लगा और वह संतुलन खोकर समुद्र में पलट (Capsize) गया।
हादसे के तुरंत बाद यमनी तटरक्षक बल और नौसेना ने त्वरित रेस्क्यू अभियान चलाया। जहाज में मौजूद सभी 13 भारतीय और 1 यमनी नागरिक को सुरक्षित निकालकर मोखा (Mokha) बंदरगाह ले जाया गया।
भारत सरकार का कड़ा रुख:
घटना के सामने आने के बाद भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने एक आधिकारिक बयान जारी कर लाल सागर में बढ़ती असुरक्षा पर चिंता व्यक्त की।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, "हम लाल सागर में भारतीय ध्वज वाले वाणिज्यिक पोत MSV फैज़ नूरे ओलिया पर हुए बिना उकसावे के हमले की कड़ी निंदा करते हैं। रियाद स्थित भारतीय दूतावास यमनी अधिकारियों और स्थानीय प्रशासन के लगातार संपर्क में है। अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में वाणिज्यिक जहाजों पर लगातार हो रहे हमले अत्यंत चिंताजनक हैं और इन्हें तुरंत रोका जाना चाहिए।"
केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने पुष्टि की कि सभी भारतीय नाविक पूरी तरह सुरक्षित हैं और उन्हें आवश्यक सहायता प्रदान की जा रही है। उन्होंने महानिदेशक समुद्री प्रशासन (DGMA) को निर्देश दिया है कि वे लाल सागर क्षेत्र में यात्रा करने वाले सभी भारतीय जहाजों और नाविकों की सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाएं।
क्यों बढ़ रहा है लाल सागर में तनाव?
यह पहली बार नहीं है जब लाल सागर में किसी व्यापारिक जहाज को निशाना बनाया गया है। यमन के हूती (Houthi) विद्रोहियों द्वारा पिछले कुछ समय से लाल सागर और बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य से गुजरने वाले अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक जहाजों पर मिसाइल और ड्रोन से हमले किए जा रहे हैं।
इस ताज़ा घटना के बाद भारत ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय समुदाय से समुद्री व्यापार और निर्बाध नौवहन की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है।