23 May 2026
प्रयागराज, 23 मई (एजेंसी)। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने हाल ही में भीम आर्मी के नेता को गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा दी है तथा गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। यूपी पुलिस ने एक एफ आई आर दर्ज कराई है, जिसमें नेता पर राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को 'मूर्खमंत्री' कहने का आरोप लगाया गया है । जस्टिस राजीव मिश्रा और जस्टिस पदम नारायण मिश्रा की बेंच ने आरोपित सुधीर आर्यन को राहत दी है। सुधीर आर्यन पर भारतीय न्याय संहिता 353 (2) [सार्वजनिक उपद्रव फैलाने वाले बयान] के तहत मामला दर्ज किया गया। बेंच ने राज्य सरकार और शिकायतकर्ता को नोटिस जारी कर उनसे जवाब भी मांगा। एफआईआर के अनुसार, आरोपित याचिका कर्ता भीम आर्मी भारत एकता मिशन (बरेली मंडल) का मंडल उपाध्यक्ष है। उस पर एक्स (पहले ट्वीटर) पर यह पोस्ट करने का आरोप है: "माननीय योगी आदित्यनाथ जी मुख्यमंत्री हैं या मूर्खमंत्री हैं?" यह टिप्पणी उसने मुख्यमंत्री के उस बयान के संदर्भ में की थी, जिसमें उन्होंने जनता को सलाह दी थी कि वे डीजल और पेट्रोल तभी खरीदें जब उन्हें इसकी ज़रूरत हो। एफ आई आर रद्द करने की मांग करते हुए आरोपित ने हाईकोर्ट का रुख किया। उसके वकील ने दलील दी कि अगर एफ आई आर में लगाए गए आरोपों को हूबहू मान भी लिया जाए तो भी यह साफ है कि याचिकाकर्ता ने मुख्यमंत्री के चरित्र पर कोई लांछन नहीं लगाया। वकील ने आगे कहा कि आरोपित ने केवल एक ऐसे शब्द का इस्तेमाल किया, जो मुख्यमंत्री की मानसिक स्थिति को दर्शाता है। ऐसा करके उसने केवल अपने अभिव्यक्ति के अधिकार का प्रयोग किया है। इन्हीं आधारों पर वकील ने कहा कि आरोपित के खिलाफ आईपीसी की धारा 505 बी एन एस की धारा 353(2) के तहत कोई अपराध बनता ही नहीं है। दूसरी ओर, राज्य सरकार की ओर से उपस्थित सरकारी वकील ने इस रिट याचिका का विरोध करते हुए कहा कि इसमें एक संज्ञेय अपराध (गंभीर अपराध) साफ तौर पर बनता है। हालांकि, वह आरोपित के वकील द्वारा पेश की गई तथ्यात्मक और कानूनी दलीलों को काट नहीं पाए। इसलिए मामले के तथ्यों और परिस्थितियों, और साथ ही आरोपित के वकील की दलीलों पर विचार करते हुए बेंच ने एक अंतरिम उपाय के तौर पर निर्देश दिया कि अगले आदेश तक इस मामले में आरोपित को गिरफ्तार नहीं किया जाएगा। अब इस मामले को 12 अगस्त को सुनवाई के लिए उचित बेंच के सामने सूचीबद्ध किया गया। इसके साथ ही प्रतिवादियों को अपने-अपने जवाबी हलफनामे दाखिल करने के लिए 6 हफ़्तों का समय दिया गया है ।