03 Mar 2026
नई दिल्ली, 03 मार्च (हि.स.)। दिल्ली के उत्तर-पश्चिम जिले की साइबर थाना पुलिस ने शेयर बाजार में निवेश के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक महिला को कानूनी प्रावधानों के तहत पाबंद किया गया है। आरोपितों ने एक कारोबारी से 17.10 लाख रुपये की ठगी की थी। उत्तर-पश्चिम जिले के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त भीष्म सिंह ने मंगलवार को बताया कि गिरफ्तार आरोपितों की पहचान इंदरजीत (38), पवन कुमार (38) और गौरव त्यागी (25) के रूप में हुई है। वहीं महिमा शर्मा (24) को जांच के दौरान पाबंद किया गया। आरोपितों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल तीन मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। पुलिस अधिकारी के अनुसार किराना दुकान चलाने वाले शालीमार बाग निवासी योगेश कुमार (43) ने साइबर थाने में शिकायत दी थी कि उन्हें एक व्हाट्सऐप ग्रुप में जोड़कर शेयर बाजार में अधिक मुनाफे का लालच दिया गया। ठगों ने पंजीकरण के लिए लिंक भेजा और अलग-अलग बैंक खातों में रकम जमा कराई। इस तरह उनसे करीब 17.10 लाख रुपये ठग लिए गए। जब पीड़ित ने रकम निकालने की कोशिश की तो उससे और पैसे जमा करने को कहा गया। शक होने पर उन्होंने पुलिस से संपर्क किया। इस संबंध में साइबर थाना मॉडल टाउन में ई-एफआईआर संख्या 232026 दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस अधिेकारी के अनुसार जांच के दौरान पुलिस ने धनराशि के लेन-देन का तकनीकी और वित्तीय विश्लेषण किया। पता चला कि ठगी की रकम इंदरजीत की फर्म के चालू खाते में आई, जहां से उसे तुरंत विभिन्न गेमिंग एप और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए आगे भेज दिया गया, ताकि पैसों का स्रोत छिपाया जा सके। संबंधित बैंक खाता 17 राष्ट्रीय साइबर शिकायतों में भी सामने आया था। पूछताछ में इंदरजीत ने कबूल किया कि उसने कमीशन के बदले अपना फर्म खाता साइबर गिरोह को उपलब्ध कराया था। पवन कुमार बैंक खाते उपलब्ध कराने में मध्यस्थ की भूमिका निभाता था, जबकि गौरव त्यागी संचालन और समन्वय में सहयोग करता था।