09 Apr 2026
हैदराबाद, 09 अप्रैल (हि.स.) । तेलंगाना हाई कोर्ट ने गुरुवार को कांग्रेस नेता पवन खेड़ा की दायर ट्रांजिट अग्रिम जमानत याचिका पर अपना आदेश सुरक्षित रख लिया है। संभव है की काेर्ट कल यानी 10 अप्रैल को अपना फैसला सुना सकती है। यह याचिका असम में उनके खिलाफ दर्ज जालसाजी और आपराधिक साजिश के मामले से संबंधित है।
दरअसल, असम पुलिस ने खेड़ा के खिलाफ कथित मानहानि, जालसाजी और आपराधिक साजिश का मामला दर्ज किया है। यह मामला उनके हालिया दावों के बाद दर्ज हुआ, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा के पास कई विदेशी पासपोर्ट और विदेशों में अघोषित संपत्तियां हैं।
तेलंगाना हाई काेर्ट में कांग्रेस नेता पवन खेड़ा की ओर वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने दलीलें पेश की। सिंघवी ने कहा कि खेड़ा के खिलाफ लगाए गए आरोपाें से राजनीतिक प्रतिशोध की बू आ रही है और “जंगल राज” तथा “वाइल्ड वेस्ट” जैसी स्थिति दिख रही हैं। उन्होंने आगे कहा कि मैं एक राजनीतिक प्रतिद्वंदी हूं। अगर इस तरह लोगों को गिरफ्तार किया जाएगा, तो यह कुछ और नहीं बल्कि जंगल राज होगा। सुनवाई के दौरान, खेड़ा के अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने काेर्ट को बताया कि खेड़ा ने एक पत्रकार वार्ता में असम के मुख्यमंत्री के खिलाफ आरोप लगाने के बाद उनके खिलाफ कई धाराओं में केस दर्ज कराया गया है।
काेर्ट में असम के एडवोकेट जनरल देवजीत सैकिया ने इन दावों का खंडन किया और खेड़ा पर जालसाजी का आरोप भी लगाया। सैकिया ने यह भी
सवाल उठाया कि खेड़ा ने तेलंगाना हाई कोर्ट का रुख क्यों किया, जबकि वह दिल्ली में रहते हैं और मामला असम में दर्ज है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि यह याचिका विचारणीय नहीं है, क्योंकि अग्रिम जमानत के लिए तेलंगाना हाई कोर्ट उचित मंच नहीं है। उन्होंने कहा कि ऐसा कोई संकेत नहीं है कि वह असम नहीं आ सकते। असम में उनके जीवन को कोई खतरा नहीं है।
हाई काेर्ट के न्यायमूर्ति के. सुजाना ने करीब एक घंटे तक दाेनाें पक्षाें काे सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। उम्मीद की जा रही है कि शुक्रवार काे काेर्ट अग्रिम जमानत पर अपना निर्णय सुना सकती है।
उल्लेखनीय है कि असम पुलिस ने केस दर्ज करने के बाद 7 अप्रैल को दिल्ली स्थित कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के आवास पर गई थी, लेकिन वह वहां मौजूद नहीं थे। इसके बाद खेड़ा ने ट्रांजिट अग्रिम जमानत के लिए तेलंगाना हाई कोर्ट का रुख किया है।