09 Jul 2026
नई दिल्ली, 9 जुलाई (इंद्रप्रस्थ न्यूज)। कांग्रेस ने मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में कोल ब्लॉक के लिए खनन मंजूरी की प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। पार्टी का दावा है कि अडानी समूह की कंपनी को खनन की अनुमति दिलाने के लिए फर्जी ग्राम सभाओं का आयोजन किया गया और ग्रामीणों की सहमति दिखाने के लिए मृतकों के अंगूठों के निशानों का भी इस्तेमाल किया गया।
कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में कांग्रेस कार्य समिति के स्थायी आमंत्रित सदस्य के. राजू और अनुसूचित जनजाति विभाग के अध्यक्ष डॉ. विक्रांत भूरिया ने इन आरोपों को 'सिंगरौली फाइल्स' नाम दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि ग्राम सभाओं की वास्तविक सहमति के बिना खनन की मंजूरी देना वन अधिकार अधिनियम और पेसा कानून के प्रावधानों का उल्लंघन है।
डॉ. विक्रांत भूरिया ने दावा किया कि सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत प्राप्त दस्तावेजों और मृत्यु प्रमाण पत्रों के आधार पर यह मामला सामने आया है। उनके अनुसार, सिंगरौली के धिरौली कोल ब्लॉक में खनन की अनुमति के लिए वर्ष 2021 की ग्राम सभा के रिकॉर्ड में ऐसे लोगों के अंगूठों के निशान दर्ज हैं, जिनकी मृत्यु कई वर्ष पहले हो चुकी थी। उन्होंने बृजभान सिंह और फुलेश्वरी सिंह सहित कुछ नामों का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि उनकी मृत्यु के बाद भी उनके नाम पर सहमति दर्ज दिखाई गई।
कांग्रेस नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि जिन ग्रामीणों ने परियोजना का विरोध किया और जो हस्ताक्षर करते हैं, उनके नाम पर भी कथित तौर पर अंगूठे के निशान लगाए गए। पार्टी का कहना है कि इससे ग्राम सभा की सहमति की प्रक्रिया की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
के. राजू ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार आदिवासियों के संवैधानिक और कानूनी अधिकारों की अनदेखी कर बड़े उद्योग समूहों को लाभ पहुंचाने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि वन अधिकार अधिनियम, पेसा कानून और भूमि अधिग्रहण से जुड़े प्रावधानों के तहत ग्राम सभा की सहमति और सामाजिक प्रभाव मूल्यांकन अनिवार्य हैं, लेकिन इनका पालन नहीं किया गया।
कांग्रेस ने पूरे मामले की सीबीआई से निष्पक्ष जांच कराने, कथित जालसाजी में शामिल अधिकारियों और संबंधित पक्षों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने तथा जांच पूरी होने तक विवादित खदानों में खनन गतिविधियों पर रोक लगाने की मांग की है। पार्टी ने मतदाता सूची से जुड़े कथित मामलों की भी दोबारा जांच कराने की मांग दोहराई।
फिलहाल मध्य प्रदेश सरकार, संबंधित अधिकारियों या अडानी समूह की ओर से कांग्रेस के इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। उनका पक्ष सामने आने पर समाचार को अपडेट किया जाएगा।