24 Jul 2026
नई दिल्ली, 24 जुलाई (इंद्रप्रस्थ न्यूज)। दिल्ली के जंतर-मंतर पर अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों से बात करने के लिए शुक्रवार को केंद्र सरकार के दो वरिष्ठ मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह पहुंचे। मंत्रियों ने सीजेपी के प्रदर्शनकारी छात्रों के प्रतिनिधियों से लगभग दो घंटे तक सौहार्दपूर्ण माहौल में बातचीत की। हालांकि, इससे पहले मंत्री द्वय ने छात्रों को सरकारी आवास या कार्यालय में बातचीत करने का न्यौता दिया था लेकिन सीजेपी ने यह प्रस्ताव ठुकरा दिया था।
मुलाकात के दौरान छात्रों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे समेत अपनी पांच सूत्री मांगें मंत्रियों के समक्ष रखीं। साथ ही परीक्षा प्रणाली में सुधार को लेकर अपने सुझाव भी दिए।
'सौहार्दपूर्ण वातावरण में हुई चर्चा'
बैठक के बाद जेपी नड्डा ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि चर्चा बेहद सकारात्मक रही।
नड्डा ने कहा, "आज हम आंदोलनकारी छात्रों के विषयों पर चर्चा करने के लिए आए थे। बातचीत लगभग दो घंटे चली। सरकार की ओर से मैं और केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह जी इसमें शामिल हुए। हमने छात्रों की बातें ध्यानपूर्वक सुनीं। उनकी मुख्यतः तीन मांगें थीं और सुधार की दृष्टि से परीक्षा के लिए 5 सुझाव थे।"
जेपी नड्डा ने आगे बताया कि बातचीत का दौर अभी खत्म नहीं हुआ है। सरकार शनिवार (कल) दोपहर बाद एक बार फिर छात्रों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात करेगी और आगे की प्रगति से उन्हें अवगत कराएगी।
सोनम वांगचुक ने भी तोड़ा 26 दिनों का अनशन
जंतर-मंतर पर संवाद की यह पहल ऐसे समय में सामने आई है, जब बीती रात ही पर्यावरणविद और लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का 26 दिनों से चला आ रहा अनशन समाप्त हुआ है। केंद्रीय गृह मंत्रालय और प्रशासन के आश्वासन के बाद वांगचुक ने अपना उपवास खत्म किया था।
वांगचुक के अनशन के शांतिपूर्ण समाधान के तुरंत बाद अब केंद्र सरकार परीक्षा सुधारों और छात्रों के मुद्दों को भी संवाद के जरिए सुलझाने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ाती दिख रही है।
छात्रों की प्रमुख मांगें और नजरें कल की बैठक पर
सीजेपी के आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि वे परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और व्यापक सुधार चाहते हैं। शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग के साथ-साथ छात्रों ने भविष्य की परीक्षाओं के आयोजन को सुचारू और निष्पक्ष बनाने के लिए 5 ठोस सुझाव सौंपे हैं।
फिलहाल सभी की निगाहें कल दोपहर बाद होने वाली दूसरे दौर की वार्ता पर टिकी हैं, जिससे छात्रों के इस आंदोलन का सर्वसम्मति से समाधान निकलने की उम्मीद जताई जा रही है।