07 Aug 2026
नई दिल्ली, 07 अगस्त (एजेंसी)। कड़कड़डूमा कोर्ट के शाहदरा बार एसोसिएशन (एसबीए) ने वकीलों से कोर्ट के दो जजों की कोर्ट का बहिष्कार करने का आह्वान वापस ले लिया है। एसबीए के प्रतिनिधियो के साथ कड़कड़डूमा कोर्ट की पोर्टफोलियो कमेटी के चेयरमैन जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद और कड़कड़डूमा कोर्ट के डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज के साथ बैठक में मिले सकारात्मक आश्वासन के बाद बहिष्कार करने का फैसला वापस लिया गया।
जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद और डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज के साथ शुक्रवार को हुई बैठक में जजों ने एसबीए के प्रतिनिधियों से इस मामले को व्यक्तिगत रुप से देखने का आश्वासन दिया। उच्च न्यायालय के कुछ जज 8 अगस्त को कड़कड़डूमा कोर्ट का दौरा कर संबंधित जजों से बात करेंगे। बैठक में मिले इस आश्वासन के बाद एसबीए ने दोनों जजों की कोर्ट का बहिष्कार करने का आह्वान वापस ले लिया।
एसबीए के सचिव नरवीर डबास के हस्ताक्षर से 6 अगस्त को जारी नोटिस में वकीलों के साथ दोनों जजों के कथित दुर्व्यवहार का आरोप लगाते हुए फैमिली कोर्ट के जज एसएस राठी और महिला कोर्ट की जज रितिका कंसल की अदालतों के बहिष्कार का आह्वान किया गया था। एसबीए के नोटिस में कहा गया है कि दोनों जजों की ओर से वकीलों के साथ किए जा रहे अपमानजनक व्यवहार की शिकायत भी की गई थी। इसके बावजूद दोनों न्यायिक अधिकारियों के व्यवहार में कोई सुधार नहीं आया।
एसबीए के नोटिस में कहा गया था कि फैमिली कोर्ट के जज एसएस राठी ने एक वरिष्ठ वकील को कोर्ट में दलाल कहा। एसबीए ने नोटिस में कहा था कि वकीलों की गरिमा के साथ कोई भी खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।