27 May 2026
नई दिल्ली, 27 मई (इंद्रप्रस्थ न्यूज)। प्रधानमंत्री नरेंंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) की बैठक में “राशन परिवहन एवं हैंडलिंग सहायता-आय के साथ ऑटोमेशन इन पीडीएस” (SARTHAK PDS) योजना को 16वें वित्त आयोग चक्र की अवधि के लिए जारी रखने को मंजूरी दे दी गई है। इस योजना पर केंद्र सरकार 25,530 करोड़ रुपये का व्यय करेगी।
सरकार ने राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों को खाद्यान्नों के राज्य के भीतर परिवहन, हैंडलिंग और उचित मूल्य की दुकानों (FPS) के डीलरों के मार्जिन पर होने वाले खर्च के लिए केंद्रीय सहायता के मानकों में संशोधन करने का भी निर्णय लिया है। साथ ही मौजूदा केंद्रीय सहायता फंडिंग पैटर्न को जारी रखा जाएगा।
‘सार्थक पीडीएस’ को एक अम्ब्रेला योजना के रूप में तैयार किया गया है, जिसके तहत दो मौजूदा योजनाओं को शामिल किया गया है। इनमें राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत राज्यों को खाद्यान्नों के राज्य के भीतर परिवहन एवं FPS डीलरों के मार्जिन हेतु सहायता योजना तथा सार्वजनिक वितरण प्रणाली में तकनीकी सुधार एवं आधुनिकीकरण के लिए स्मार्ट पीडीएस योजना शामिल हैं।
यह योजना राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन को मजबूत करने के उद्देश्य से लाई गई है। इसके तहत राज्यों को खाद्यान्नों के परिवहन, हैंडलिंग और FPS डीलरों के मार्जिन के लिए वित्तीय सहायता सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही नागरिकों को बेहतर और पारदर्शी सार्वजनिक वितरण प्रणाली उपलब्ध कराने के लिए आधुनिक तकनीक आधारित इंटरऑपरेबल पीडीएस ढांचा विकसित किया जाएगा। यह योजना 31 मार्च 2031 तक लागू रहेगी।
सार्थक पीडीएस योजना के माध्यम से सार्वजनिक वितरण प्रणाली को आधुनिक बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), मशीन लर्निंग (ML), नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग (NLP) और ब्लॉकचेन जैसी उन्नत तकनीकों का उपयोग किया जाएगा। इसके तहत रियल टाइम मॉनिटरिंग, AI आधारित शिकायत निवारण प्रणाली, डेटा आधारित निगरानी के लिए राज्य स्तरीय कमांड एवं कंट्रोल सेंटर तथा पारदर्शिता एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ISO प्रमाणित प्रक्रियाएं विकसित की जाएंगी।
केंद्र सरकार ने कहा है कि देश के नागरिकों को खाद्य एवं पोषण सुरक्षा उपलब्ध कराना सरकार की सामाजिक और कानूनी जिम्मेदारी है। यह योजना राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत लाभान्वित होने वाले 81.35 करोड़ लोगों तक खाद्यान्न की प्रभावी आपूर्ति सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
पिछले एक दशक में सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली को डिजिटल बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं। इनमें एंड-टू-एंड कंप्यूटरीकरण, इंटीग्रेटेड मैनेजमेंट ऑफ पीडीएस (IM-PDS), स्मार्ट पीडीएस, ‘मेरा राशन’, ‘अन्न मित्र’, ‘राइटफुल टारगेटिंग डैशबोर्ड’ और ‘अन्न सहायता’ जैसे नागरिक केंद्रित ऐप शामिल हैं। 1 अप्रैल 2023 से स्मार्ट पीडीएस योजना तकनीक आधारित सुधारों की आधारशिला के रूप में कार्य कर रही है, जिसके तहत देश के 36 राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों में राशन कार्डों का डिजिटलीकरण, आधार सीडिंग, ई-पॉस मशीनों के माध्यम से FPS ऑटोमेशन तथा ऑनलाइन खाद्यान्न आवंटन एवं सप्लाई चेन प्रबंधन लागू किया गया है।