19 Mar 2026
नई दिल्ली, 19 मार्च (हि.स.)। भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच और पूर्व सांसद गौतम गंभीर ने अपने व्यक्तित्व के अधिकारों की रक्षा के लिए दिल्ली उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। याचिका में कहा गया है कि एआई और डीफफेक तकनीक के जरिये बिना अनुमति उनकी पहचान का दुरुपयोग किया जा रहा है। गौतम गंभीर ने अपनी याचिका में व्यक्तित्व के अधिकारों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए ढाई करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग की है। याचिका में गौतम गंभीर ने कई सोशल मीडिया अकाउंट, सोशल मीडिया प्लेटफार्म्स और ई-कॉमर्स वेबसाइट का हवाला देते हुए कहा है कि उनके नाम, आवाज या व्यक्तित्व से जुड़े कंटेंट का बिना अनुमति धड़ल्ले से दुरुपयोग किया जा रहा है। याचिका में कहा गया है कि कई सारे वीडियो में उनके त्यागपत्र देने की फर्जी घोषणाएं और वरिष्ठ क्रिकेटर्स पर मनगढ़ंत टिप्पणियां की गई हैं। उनकी पहचान का व्यावसायिक दोहन किया जा रहा है। याचिका 16 प्रतिवादियों के खिलाफ दायर की गई है। इसके पहले भी उच्च न्यायालय कई मशहूर हस्तियों के व्यक्तित्व के अधिकारों की रक्षा का आदेश दे चुका है। जिसमें उच्च न्यायालय ने योगगुरु बाबा रामदेव, फिल्म अभिनेत्री काजोल, फिल्म अभिनेता विवेक ओबेरॉय, आंध्रप्रदेश के उप-मुख्यमंत्री पवन कल्याण, पूर्व क्रिकेटर सुनील गावस्कर, फिल्म अभिनेता सलमान खान, अभिनेता अजय देवगन, अभिनेत्री और सांसद जया बच्चन, पत्रकार सुधीर चौधरी, आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन के संस्थापक श्रीश्री रविशंकर, तेलुगु अभिनेता नागार्जुन, अभिनेत्री ऐश्वर्या राय, अभिषेक बच्चन और फिल्म प्रोड्यूसर करण जौहर के व्यक्तित्व से जुड़ी किसी सामग्री का बिना अनुमति इस्तेमाल नहीं करने का आदेश दिया था।