17 Apr 2026
नई दिल्ली, 17 अप्रैल (हि.स.)। सुप्रीम कोर्ट ने आज कांग्रेस नेता पवन खेड़ा की वह याचिका खारिज कर दी, जिसमें उन्होंने तेलंगाना उच्च न्यायालय से मिली एक हफ्ते की ट्रांजिट अग्रिम जमानत को 21 अप्रैल तक बढ़ाने की मांग की थी, ताकि 20 अप्रैल को अग्रिम जमानत याचिका दायर कर सकें। जस्टिस जेके माहेश्वरी की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि अगर कोर्ट काम नहीं कर रही है, तो उसे इस मामले की सुनवाई के लिए आग्रह किया जा सकता है और संबंधित कोर्ट इस मामले में चलन के मुताबिक फैसला करें। सुनवाई के दौरान पवन खेड़ा की ओर से पेश वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि ट्रांजिट अग्रिम जमानत 21 अप्रैल तक बढ़ाई जाए, ताकि पवन खेड़ा 20 अप्रैल को अग्रिम जमानत याचिका दायर कर सकें, लेकिन कोर्ट ने उनकी मांग नामंजूर कर दी। असम सरकार ने तेलंगाना उच्च न्यायालय के इस आदेश के खिलाफ यह कहते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था कि तेलंगाना उच्च न्यायालय को इस केस की सुनवाई का क्षेत्राधिकार नहीं है। असम सरकार की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने पवन खेड़ा को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने पवन खेड़ा को तीन हफ्ते में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पवन खेड़ा चाहें, तो असम की क्षेत्राधिकार वाली कोर्ट का जमानत के लिए रुख कर सकते हैं। तब संबंधित कोर्ट केस की मेरिट के आधार पर जमानत पर फैसला ले। सुप्रीम कोर्ट के आज का आदेश उसमें बाधा नहीं बनेगा। असम में एफआईआर दर्ज होने के बाद असम पुलिस ने 7 अप्रैल को दिल्ली स्थित पवन खेड़ा के आवास पर छापा मारा था, लेकिन पवन खेड़ा अपने आवास पर नहीं मिले थे। तेलंगाना उच्च न्यायालय ने 10 अप्रैल को पवन खेड़ा की याचिका पर एक हफ्ते की ट्रांजिट अग्रिम जमानत दी थी।