12 Feb 2026
नई दिल्ली, 12 फ़रवरी (हि.स.)। राऊज एवेन्यू कोर्ट ने दिल्लीआबकारी घोटाला मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की ओर से दर्ज मामले के आरोपितों के खिलाफ आरोप तय करने पर फैसला सुरक्षित रख लिया है। स्पेशल जज जीतेंद्र सिंह ने गुरुवार काे सीबीआई की दलीलें सुनने के बाद 27 फरवरी को फैसला सुनाने का आदेश दिया। इस मामले में सीबीआई ने दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया समेत 23 लोगों को आरोपित बनाया है।केजरीवाल ने 11 फरवरी को कहा था कि उनके खिलाफ कोई पुख्ता सबूत नहीं है। केजरीवाल के वकील एन हरिहरन ने कहा था कि केजरीवाल सरकारी काम कर रहे थे। इस बात के कोई साक्ष्य नहीं हैं कि केजरीवाल ने किसी से कहा हो कि साउथ लॉबी से पैसे मांगे। हरिहरन ने कहा कि केजरीवाल का नाम पहले तीन चार्जशीट में नहीं था। उनका नाम चौथे पूरक चार्जशीट में आया। हरिहरन ने कहा कि चौथे पूरक चार्जशीट पहले के चार्जशीट की तरह ही था। वो केजरीवाल के खिलाफ आरोपों को लेकर केवल कट एंड पेस्ट था। हरिहरन ने केजरीवाल के खिलाफ जांच करने की जरुरी अनुमति नहीं मिलने का भी सवाल उठाया। ईडी ने 21 मार्च, 2024 को अरविंद केजरीवाल को पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया था। 10 मई को सुप्रीम कोर्ट ने केजरीवाल को 1 जून तक की अंतरिम जमानत दी थी जिसके बाद केजरीवाल ने 2 जून 2024 को सरेंडर किया था। केजरीवाल को 26 जून, 2024 को सीबीआई ने गिरफ्तार किया था। ईडी ने 10 मई, 2024 को छठी पूरक चार्जशीट दाखिल किया था जिसमें बीआरएस नेता के कविता, चनप्रीत सिंह, दामोदर शर्मा, प्रिंस कुमार, अरविंद सिंह को आरोपी बनाया गया है। कोर्ट ने 29 मई को छठे पूरक चार्जशीट पर संज्ञान लिया था। 27 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने के कविता को सीबीआई और ईडी के मामले में जमानत दी थी। उच्चतम न्यायालय ने 13 सितंबर 2024 को केजरीवाल को सीबीआई के मामले में नियमित जमानत दी थी। उसके पहले कोर्ट ने 12 जुलाई 2024 को ईडी के मामले में केजरीवाल को अंतरिम जमानत दी थी।