24 Mar 2026
नई दिल्ली, 24 मार्च (हि.स.)। दिल्ली उच्च न्यायालय ने पतंजलि आयुर्वेद के आचार्य बालकृष्ण के व्यक्तित्व से जुड़े अधिकारों की रक्षा का आदेश दिया है। जस्टिस तुषार राव गडेला की बेंच ने कहा कि आचार्य बालकृष्ण के खिलाफ सोशल मीडिया पर अश्लील, अपमानजनक और नीचा दिखाने वाले कंटेंट हटाए जाएं।
इसके पहले 23 मार्च को कोर्ट ने आचार्य बालकृष्ण से कहा था कि अगर आप सार्वजनिक हस्ती हैं, तो आपको आलोचनाओं के लिए तैयार रहना चाहिए। कोर्ट ने कहा था कि कोर्ट लोगों को सार्वजनिक हस्तियों का मजाक उड़ाने से नहीं रोक सकता, जब तक कि वह आलोचना अपमानजनक या नीचा दिखाने वाली न हो।
दरअसल, सुनवाई के दौरान कोर्ट ने गौर किया कि याचिका में आचार्य बालकृष्ण ने कुछ मीडिया हाउस की ओर से प्रकाशित कई न्यूज रिपोर्ट और कुछ कैरिकेचर्स को हटाने की मांग की थी। तब कोर्ट ने कहा था कि आपके पास अखबार हैं, आपके पास कार्टूनिस्ट हैं। वे कैरिकेचर्स बनाते हैं। वे लोगों का मजाक उड़ाते हैं। क्या इसे रोका जा सकता है। अगर आप एक सार्वजनिक हस्ती बनने जा रहे हैं, तो कृपया आलोचनाओं के लिए भी तैयार रहें। लोग मजाक उड़ाएंगे। हम इसे रोक नहीं सकते, जब तक कि यह अपमानजनक न हो या कुछ ऐसा न हो जिससे आपकी इज्जत कम हो या जो आपको नीचा दिखाए।
सुनवाई के दौरान गूगल की ओर से पेश वकील ने कहा था कि आचार्य बालकृष्ण ने अपनी याचिका में काफी खतरनाक मांगे मांगी है। वो याचिका में उच्चतम न्यायालय की बालकृष्ण और पतंजलि के खिलाफ की गई सख्त टिप्पणियों से जुड़ी कई खबरों और टिप्पणियों को हटाना चाह रहे हैं। उसके बाद बालकृष्ण की ओर से पेश वकील ने कहा था कि वो ये बयान देने के लिए तैयार हैं कि उच्चतम न्यायालय के फैसले से जुड़ी कोई भी चीज नहीं हटाई जाएगी।
आचार्य बालकृष्ण के पहले उच्च न्यायालय ने बाबा रामदेव, फिल्म अभिनेत्री काजोल, फिल्म अभिनेता विवेक ओबेरॉय, आंध्र प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री पवन कल्याण, पूर्व क्रिकेटर सुनील गावस्कर, फिल्म अभिनेता सलमान खान, अभिनेता अजय देवगन, अभिनेत्री और सांसद जया बच्चन, पत्रकार सुधीर चौधरी, आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन के संस्थापक श्री श्री रविशंकर, तेलुगु अभिनेता नागार्जुन, अभिनेत्री ऐश्वर्या राय, अभिषेक बच्चन और फिल्म प्रोड्यूसर करण जौहर के व्यक्तित्व से जुड़ी किसी बात का बिना अनुमति इस्तेमाल नहीं करने का आदेश दिया था।