13 Feb 2026
बागलकोट, 13 फरवरी (हि.स.)। कर्नाटक के बागलकोट जिले के इलकल तालुक अंतर्गत संकलापुर गांव स्थित एक ईंट भट्ठे से प्रशासन ने 24 बंधुआ मजदूरों को मुक्त कराया है। इनमें पांच बाल मजदूर भी शामिल हैं। सभी श्रमिक ओडिशा के निवासी बताए गए हैं। बागलकोट पुलिस के अनुसार, ईरप्पा कुम्बार नामक व्यक्ति के ईंट भट्ठे में ओडिशा से लाए गए मजदूरों से जबरन काम कराया जा रहा था। शिकायत मिलने पर इलकल तहसीलदार और श्रम विभाग के अधिकारियों ने संयुक्त रूप से छापेमारी की। जिला मुख्यालय से लगभग 50 किलोमीटर दूर स्थित संकलापुर गांव में कार्रवाई कर सभी श्रमिकों को मुक्त कराया गया। इस संबंध में इलकल ग्रामीण पुलिस थाना में बाल श्रम निषेध और बंधुआ मजदूरी उन्मूलन अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और भट्ठा मालिक एवं अन्य आरोपितों से पूछताछ की जा रही है। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, मुक्त कराए गए श्रमिक नौ परिवारों से संबंधित हैं। उन्हें पहले काम का झांसा देकर विजयवाड़ा लाया गया था, जहां से बाद में बागलकोट लाकर ईंट भट्ठे में काम कराया जा रहा था। प्रत्येक परिवार को सप्ताह में मात्र 800 रुपये मजदूरी दी जाती थी। सप्ताह में केवल एक सदस्य को बाजार जाने की अनुमति थी। मजदूरों ने आरोप लगाया है कि भट्ठा मालिक और उसके दो पुत्र उनके साथ शारीरिक एवं मानसिक उत्पीड़न करते थे। विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी जाती थी। श्रमिकों को ईंटों से बने असुरक्षित झोपड़ों में रखा गया था, जहां पीने के पानी और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं थीं। रेस्क्यू के बाद सभी श्रमिकों का स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया, जिसमें वे स्वस्थ पाए गए। प्रशासन ने उन्हें सुरक्षित रूप से ओडिशा भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।