20 Mar 2026
नई दिल्ली, 20 मार्च (हि.स.)। राऊज एवेन्यू सेशंस कोर्ट ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के बारे में कथित अपमानजनक बयान के मामले में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को जवाब देने का और समय दे दिया है। स्पेशल जज जीतेंद्र सिंह ने मामले की अगली सुनवाई 1 अप्रैल को करने का आदेश दिया। आज सुनवाई के दौरान खरगे की ओर से पेश वकील ईशा बख्शी ने याचिका का जवाब और वकालतनामा दाखिल के लिए और समय देने की मांग की, जिसके बाद कोर्ट ने एक अप्रैल के पहले जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। इस मामले में तीस हजारी कोर्ट के मजिस्ट्रेट कोर्ट ने 13 दिसंबर 2024 को खरगे के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग को खारिज कर दिया था, जिसके बाद याचिकाकर्ता रविंदर गुप्ता ने सेशंस कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। मल्लिकार्जुन खरगे राज्यसभा के सदस्य हैं, इसलिए उनके खिलाफ अब राऊज एवेन्यू स्थित एमपी-एमएलए कोर्ट में याचिका दायर की गई है। यह याचिका आरएसएस के सदस्य रविंद्र गुप्ता ने दायर किया है। याचिका में कहा गया है कि मल्लिकार्जुन खरगे ने 27 अप्रैल, 2023 को कर्नाटक में विधानसभा चुनाव के दौरान बीजेपी और आरएसएस के बारे में अपमानजनक बयान दिए। याचिका में कहा गया है कि मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए। बाद में मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि उन्होंने जो बयान दिया था वो प्रधानमंत्री के खिलाफ नहीं बल्कि आरएसएस और बीजेपी के खिलाफ था। याचिकाकर्ता की ओर से वकील गगन गांधी ने कहा कि आरएसएस के सदस्य होने के नाते याचिकाकर्ता मल्लिकार्जुन खरगे के बयानों से आहत है। इस मामले में कोर्ट ने सब्जी मंडी पुलिस थाने को एक्शन टेकन रिपोर्ट दाखिल करने को कहा था। सब्जी मंडी थाने की पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि बयान कर्नाटक में दिए गए हैं और वो सब्जी मंडी थाने के क्षेत्राधिकार में नहीं आता है।