07 Aug 2026
नई दिल्ली, 07 अगस्त (एजेंसी)। केंद्र सरकार ने कहा है कि मणिपुर के पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह की राज्य में हिंसा भड़काने के लिए उकसाने संबंधी कथित आडियो क्लिप के साथ छेड़छाड़ की गई थी। केंद्र सरकार की ओर से पेश एएसजी ऐश्वर्या भाटी ने सुप्रीम कोर्ट को ये सूचना दी।
सुनवाई के दौरान भाटी ने कहा कि गुजरात के गांधीनगर स्थित नेशनल फोरेंसिक यूनिवर्सिटी ने आडियो क्लिप की प्रमाणिकता पर रिपोर्ट दाखिल कर दी है, जिसमें कहा गया है कि रिकॉर्डिंग में कई बार बदलाव किए गए थे। उन्होंने मांग की कि याचिका को जुर्माने के साथ खारिज किया जाए। इसके पहले सुप्रीम कोर्ट ने नेशनल फोरेंसिक सायंस यूनिवर्सिटी को निर्देश दिया था कि वो एन. बीरेन सिंह की कथित आडियो क्लिप की फोरेंसिक जांच करे। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील प्रशांत भूषण ने कहा था कि वो पूरी आडियो रिकार्डिंग रिकॉर्ड पर देने को तैयार हैं। इसके पहले याचिकाकर्ता ने करीब 48 मिनट के आडियो क्लिप पर ही भरोसा जताया था। फोरेंसिक यूनिवर्सिटी ने 48 मिनट के आडियो क्लिप की मौलिकता पर सवाल उठाए थे।
मणिपुर में मई, 2023 में जातीय हिंसा शुरु हुई थी। याचिका कुकी आर्गनाइजेशन फॉर ह्यूमन राईट्स ट्रस्ट ने दायर की है। याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील प्रशांत भूषण ने मणिपुर की हिंसा में एन बीरेन सिंह की भूमिका की जांच की मांग की थी। प्रशांत भूषण ने इस आडियो क्लिप को काफी गंभीर बताते हुए कहा था कि इस आडियो क्लिप में एन बीरेन सिंह को ये कहते हुए सुना जा रहा है कि मैतेई समूह को राज्य सरकार के हथियार और गोला-बारुद लूटने की अनुमति दी गई थी।