24 Jul 2026
नई दिल्ली, 24 जुलाई (इंंद्रप्रस्थ न्यूज)। संसद के मानसून सत्र में नीट-यूजी (NEET-UG) पेपर लीक मामले और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर जारी गतिरोध शुक्रवार को भी खत्म नहीं हो सका। दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) में विपक्षी सांसदों के भारी हंगामे और नारेबाजी के कारण कार्यवाही को स्थगित करना पड़ा। संसद भवन के भीतर और मकर द्वार परिसर में दिनभर राजनीतिक गहमागहमी बनी रही।
लोकसभा: मकर द्वार से वेल तक गूंजे 'इस्तीफा दो' के नारे
शुक्रवार सुबह 11 बजे जैसे ही लोकसभा की कार्यवाही शुरू हुई, विपक्षी सांसद हाथों में तख्तियां लेकर वेल (House Well) में आ पहुंचे और नारेबाजी करने लगे।
स्पीकर की अपील: अध्यक्ष ओम बिरला ने सांसदों से प्रश्नकाल चलने देने और अपनी सीटों पर लौटने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार नियम के तहत हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन व्यवधान के कारण सदन को पहले 12 बजे तक के लिए स्थगित किया गया।
दोपहर की कार्यवाही: 12 बजे जब सभापति पीठ पर जगदंबिका पाल पहुंचे, तब भी हंगामा शांत नहीं हुआ।
सरकार का रुख: संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने मोर्चा संभालते हुए कहा, "सरकार नीट मुद्दे पर बिना शर्त चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है। विपक्ष चर्चा से भाग रहा है और बिना वजह शर्तें रख रहा है।"
स्थगन: विपक्ष द्वारा शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर अड़े रहने के कारण पीठ ने लोकसभा की कार्यवाही सोमवार तक के लिए स्थगित कर दी।
राज्यसभा: खरगे की मांग और तीखी बहस
उच्च सदन (राज्यसभा) में भी स्थिति अलग नहीं रही। प्रश्नकाल शुरू होते ही विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने सरकार की नीतियों और प्रधानमंत्री के बयान को लेकर सवाल उठाए।
विपक्ष की मांग: खरगे ने कहा कि प्रधानमंत्री सदन के बाहर वीडियो संदेश जारी करने के बजाय संसद के भीतर आकर अपना वक्तव्य दें और जवाबदेही तय करें।
सत्तापक्ष का जवाब: सत्तापक्ष की ओर से कहा गया कि नियमों के तहत चर्चा कराने का प्रस्ताव दिया जा चुका है।
स्थगन: सदस्यों के लगातार शोर-शराबे और वेल में जमा होने के कारण राज्यसभा की कार्यवाही को भी बार-बार स्थगित करना पड़ा और अंततः दिनभर के लिए स्थगित कर दिया गया।
संसद परिसर: मकर द्वार पर INDIA ब्लॉक का जोरदार प्रदर्शन
सदन के अंदर ही नहीं, बल्कि संसद परिसर में भी विपक्ष ने आक्रामक रुख अपनाए रखा।
मकर द्वार पर धरना: 'INDIA' गठबंधन के सांसदों ने संसद के मकर द्वार (Makar Dwar) पर बैनर और तख्तियां लेकर विरोध प्रदर्शन किया।
प्रमुख चेहरे: राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य वरिष्ठ नेताओं के नेतृत्व में सांसदों ने छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बंद करने और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के नारे लगाए।
राहुल गांधी का बयान: राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि जब तक शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा नहीं देते और छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के खिलाफ जवाबदेही तय नहीं होती, तब तक महज औपचारिक चर्चा स्वीकार्य नहीं है।