27 Aug 2026
गाजियाबाद, 27 अगस्त (इंद्रप्रस्थ न्यूज)। रक्षाबंधन की पूर्व संध्या पर गाजियाबाद और उसकी सीमाओं पर यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। त्योहार की खरीदारी और अपने घर पहुंचने की जल्दी में निकले लोगों को सड़कों पर कई किलोमीटर लंबे भीषण जाम का सामना करना पड़ा।
सबसे बुरी स्थिति मेरठ रोड पर देखने को मिली, जहां वाहनों की कतार 10 किलोमीटर तक लंबी पहुंच गई। देर रात तक दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (DME), NH-9 और जीटी रोड पर गाड़ियां रेंगती नजर आईं।
कागजों तक सीमित रहा डायवर्जन प्लान
त्योहार पर राह सुगम बनाने के लिए यातायात पुलिस ने 26 से 28 अगस्त तक भारी वाहनों के लिए रूट डायवर्जन प्लान की बड़ी-बड़ी घोषणाएं की थीं। दावे किए गए थे कि एनएच-9 और प्रमुख सड़कों पर भारी वाहनों को पूरी तरह रोककर यातायात को सुचारू रखा जाएगा।
हालांकि, जमीनी हकीकत इन दावों के बिल्कुल उलट रही। रूट डायवर्जन महज 'हवाई' साबित हुआ और चौराहे-चौराहे पर पुलिस प्रबंधन की पोल खुल गई। प्रमुख मोड़ और जंक्शनों पर यातायात पुलिसकर्मियों की अनुपस्थिति व अपर्याप्त तैनाती के कारण वाहन चालक मनमर्जी से गाड़ियां फंसाते दिखे।
इन प्रमुख मार्गों पर पहिए पूरी तरह थमे
भीषण जाम के मुख्य कारण
वाहनों का भारी दबाव: रक्षाबंधन के कारण दिल्ली-एनसीआर से मेरठ, मुरादाबाद, बुलंदशहर और हापुड़ जाने वाले यात्रियों की संख्या अचानक कई गुना बढ़ गई।
दुकानदारों और यात्रियों की भीड़: प्रमुख बाजारों और बस अड्डों (जैसे राजनगर एक्सटेंशन और पुराने बस अड्डे) के आसपास अनियंत्रित पार्किंग और ई-रिक्शा के जमावड़े ने स्थिति को और गंभीर बना दिया।
कमजोर ग्राउंड इंफोर्समेंट: डायवर्जन पॉइंट पर सख्त चेकिंग न होने से हल्के और भारी वाहन वैकल्पिक रास्तों की बजाय मुख्य सड़कों पर ही उलझ गए।
त्योहार की खुशी में अपनों के पास जा रहे हजारों भाई-बहन देर रात तक सड़कों पर फंसे रहे, जिससे गाजियाबाद प्रशासन की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।