08 May 2026
चेन्नई, 08 मई (इंद्रप्रस्थ न्यूज)। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के परिणामों के बाद जारी राजनीतिक अनिश्चितता के बीच शुक्रवार को बड़ा उलटफेर देखने को मिला। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) ने राज्य में एक 'स्थिर और लोकतांत्रिक' सरकार सुनिश्चित करने के लिए अभिनेता जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) को बिना शर्त समर्थन देने की घोषणा की है।
माकपा के तमिलनाडु विधानसभा दल के नेता आर. चेल्लासामी ने शुक्रवार को तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर को पत्र सौंपकर औपचारिक रूप से अपने समर्थन की जानकारी दी। चेल्लासामी ने बताया कि यह निर्णय पार्टी के राज्य सचिव पी. शण्मुगम के निर्देश पर लिया गया है। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि माकपा के विधायक सदन में TVK का समर्थन करेंगे ताकि राज्य को राष्ट्रपति शासन से बचाया जा सके और जनता द्वारा चुनी गई नई विचारधारा वाली सरकार को मौका मिले।
हाल ही में (23 अप्रैल) को संपन्न हुए 234 सीटों वाले तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में किसी भी दल को पूर्ण बहुमत (118 सीटें) नहीं मिला था। चुनाव परिणामों में TVK 108 सीटों के साथ सबसे बड़े दल के रूप में उभरी, लेकिन वह बहुमत के जादूई आंकड़े से 10 कदम दूर रह गई थी।
TVK की स्थिति: 108 सीटें (सबसे बड़ी पार्टी)
अन्य दलों का समर्थन: इससे पहले कांग्रेस (5 सीटें) और सीपीआई (2 सीटें) भी विजय को समर्थन देने का संकेत दे चुके हैं।
माकपा का प्रभाव: माकपा के 2 विधायकों के जुड़ने से विजय अब बहुमत के आंकड़े (118) के बेहद करीब पहुंच गए हैं।
माकपा राज्य सचिव पी. शण्मुगम ने चेन्नई में मीडिया से बात करते हुए स्पष्ट किया कि पार्टी सरकार में शामिल नहीं होगी, बल्कि 'बाहर' से समर्थन देगी। उन्होंने कहा, "हमारा उद्देश्य सांप्रदायिक ताकतों को रोकना और तमिलनाडु के अधिकारों की रक्षा करना है। चूंकि TVK को जनता का व्यापक समर्थन मिला है, इसलिए हम एक स्थिर शासन के हित में यह कदम उठा रहे हैं।"
द्रविड़ राजनीति के नए युग की आहट
तमिलनाडु में पिछले 50 से अधिक वर्षों से डीएमके (DMK) और एआईएडीएमके (AIADMK) का दबदबा रहा है। लेकिन 2026 के इन चुनावों ने इस मिथक को तोड़ दिया है। जोसेफ विजय की TVK ने न केवल इन दिग्गजों को कड़ी टक्कर दी, बल्कि मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन की डीएमके को पीछे छोड़ते हुए सत्ता की दहलीज तक पहुंच गई है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि माकपा और अन्य छोटे दलों के समर्थन के बाद अब राज्यपाल जल्द ही जोसेफ विजय को सरकार बनाने का न्योता दे सकते हैं। यदि वीसीके (VCK) जैसे अन्य दल भी इस गठबंधन में शामिल होते हैं, तो विजय राज्य के अगले मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ले सकते हैं।