03 Jun 2026
-फायर एनओसी से निकास तक, हर मोर्चे पर फेल हुआ सिस्टम
-मौत के बाद जागा प्रशासन, एलजी ने बुलाई आपात बैठक
नई दिल्ली, 03 जून (इंद्रप्रस्थ न्यूज) । दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर स्थित होटल-कम-रेस्तरां भवन में बुधवार सुबह लगी भीषण आग अब केवल एक हादसा नहीं, बल्कि राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल बन गई है। अब तक 21 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जिनमें 17 से 18 विदेशी नागरिक शामिल बताए जा रहे हैं। मृतकों में बांग्लादेश, नाइजीरिया, लाइबेरिया, मोज़ाम्बिक, सोमालिया और अफगानिस्तान के नागरिकों के होने की जानकारी सामने आई है।
हौज रानी स्थित इस इमारत में ग्राउंड फ्लोर पर रेस्तरां और ऊपर होटल संचालित हो रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग इतनी तेजी से फैली कि ऊपरी मंजिलों पर ठहरे लोग धुएं और लपटों के बीच फंस गए। कई लोगों ने जान बचाने के लिए दूसरी और तीसरी मंजिल से छलांग लगा दी। स्थानीय लोगों ने पास की दुकान से गद्दे निकालकर सड़क पर बिछाए और लोगों को कूदने के लिए कहा। एक महिला अपने छोटे बच्चे को लेकर तीसरी मंजिल से कूदी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई।
घटना के बाद कई परिवार अपने परिजनों की तलाश में अस्पतालों और शवगृहों के चक्कर काटते रहे। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार गुरुग्राम के एक परिवार के आठ सदस्य उस समय रेस्तरां में नाश्ता करने गए हुए थे और देर शाम तक उनका स्पष्ट पता नहीं चल पाया था। प्रशासन डीएनए पहचान और अस्पतालों से मिलान की प्रक्रिया में जुटा है।
जांच में शुरुआती स्तर पर गंभीर अनियमितताओं के संकेत मिले हैं। बताया जा रहा है कि जिस बीएंडबी (B&B) को केवल छह कमरों के संचालन की अनुमति थी, वहां लगभग 25 कमरे चलाए जा रहे थे। इमारत में केवल एक मुख्य प्रवेश और निकास मार्ग होने की बात भी सामने आई है, जिससे बचाव कार्य प्रभावित हुआ।
दिल्ली पुलिस ने गैर-इरादतन हत्या (Culpable Homicide) की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। होटल मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है और वह फिलहाल फरार बताया जा रहा है। पुलिस की कई टीमें उसकी तलाश में जुटी हैं।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दिल्ली के मालवीय नगर में भीषण आग की घटना पर दुख जताते हुए मुआवजे की घोषणा की है। प्रधानमंत्री ने एक्स पर कहा कि दिल्ली के मालवीय नगर में आग लगने की घटना में जनहानि बेहद दुखद है। अपनों को खोने वाले सभी लोगों के प्रति उनकी गहरी संवेदना है। वे घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हैं। अधिकारी प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता प्रदान कर रहे हैं। प्रत्येक मृतक के परिजनों को प्रधानमंत्री आपदा राहत कोष से 2 लाख की अनुग्रह राशि दी जाएगी। घायलों को 50 हजार रुपये दिए जाएंगे।
हादसे की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली के उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू ने शाम पांच बजे आपात बैठक बुलाई। बैठक में दिल्ली पुलिस, दमकल विभाग, एमसीडी और संबंधित एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारियों को तलब किया गया। उपराज्यपाल ने आज की घटना की मजिस्ट्रीयल जांच के आदेश दिए। इसके साथ ही जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करने और राजधानी में संचालित सभी बीएंडबी एवं होटल प्रतिष्ठानों के सुरक्षा ऑडिट के निर्देश दिए हैं।
उपराज्यपाल ने बैठक के बाद एक्स पर बताया कि दिल्ली में अग्नि सुरक्षा को मजबूत करने के लिए एक व्यापक बहु-विभागीय कार्य योजना तैयार की गई है। गुरुवार से डीएम, डीसीपी और डीसी (दिल्ली नगर निगम) के संयुक्त नेतृत्व में एक महीने तक चलने वाला गहन प्रवर्तन और रोकथाम अभियान शुरू किया जाएगा। इसमें होटलों, गेस्ट हाउस, नर्सिंग होम, कोचिंग सेंटर और अन्य संवेदनशील परिसरों सहित अग्नि सुरक्षा नियमों के अनुपालन की कड़ी जांच और गैर-अनुपालन करने वाले प्रतिष्ठानों को सील किया जाएगा।
इस बीच दिल्ली सरकार ने भी अवैध रूप से संचालित बीएंडबी और होटल इकाइयों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के संकेत दिए हैं। गृह मंत्री आशीष सूद ने निर्देश दिया है कि भवन मानकों और सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों को बिना नोटिस सील किया जाए।
दिल्ली के प्रमुख चिकित्सा संस्थानों—एम्स ट्रॉमा सेंटर, मैक्स साकेत और पंडित मदन मोहन मालवीय अस्पताल—में घायलों का इलाज जारी है। राहत एवं बचाव अभियान के दौरान 10 पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। 40 से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया, जबकि कई की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है।
मालवीय नगर अग्निकांड ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर राजधानी में होटल, गेस्ट हाउस और व्यावसायिक प्रतिष्ठान सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर कैसे संचालित होते रहे। जांच रिपोर्ट आने तक कई सवाल अनुत्तरित रहेंगे, लेकिन 21 मौतों ने दिल्ली की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की कमजोरियों को उजागर कर दिया है।