10 Apr 2026
वाराणसी, 10 अप्रैल(हि. स.)। उत्तर प्रदेश के जनपद वाराणसी में एमपी-एमएलए कोर्ट में शुक्रवार को जौनपुर के पूर्व सांसद धनंजय सिंह पर वाराणसी के नदेसर इलाके में 24 साल पहले हुए जानलेवा हमले के मामले में बहस पूरी हो गई। कोर्ट ने बचाव पक्ष के गवाहों और साक्ष्यों पर आधारित दलीलें सुनने के बाद आगामी 13 अप्रैल तक के लिए फैसला सुरक्षित रख लिया है। वही, कोर्ट में कार्यवाही के दौरान पूर्व सांसद धनंजय सिंह मौजूद रहे।
धनंजय सिंह के अधिवक्ता श्रीनाथ त्रिपाठी ने कहा कि कोर्ट ने अभियोजन और बचाव पक्ष की बातों को सुना है। बचाव पक्ष को अपनी बात रखने का अंतिम अवसर दिया गया था। आज कोर्ट ने बचाव पक्ष की दलीलों को सुना है लेकिन अभियोजन पक्ष की ओर से साक्ष्य पर्याप्त रखे गए है। अंधाधुंध फायरिंग हुई है तो तीनों आरोपितों को आजीवन कारावास की सजा होनी चाहिए। कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है, संभावना है कि बहुत जल्द ही फैसला आ जायेगा।
- यह है पूरा मामला
चार अक्टूबर 2002 को धनंजय सिंह अपने साथियों के साथ सफारी गाड़ी से वाराणसी से जौनपुर की ओर बढ़े ही थे, तभी कैंट थाना क्षेत्र के नदेसर स्थित टकसाल सिनेमा के पास पहले से घात लगाकर बैठे बोलेरो सवार हमलावरों ने उन पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। इस हमले में धनंजय सिंह, उनके गनर और चालक गंभीर रूप से घायल हो गए थे। घायलों को तत्काल मलदहिया स्थित सिंह मेडिकल में भर्ती कराया गया था। हमलावर वारदात को अंजाम देकर मौके से फरार हो गए थे। वादी धनंजय सिंह की तहरीर पर पुलिस ने विधायक अभय सिंह को मुख्य आरोपित बनाते हुए नामज़द मुकदमा दर्ज़ किया था।