11 Aug 2026
नई दिल्ली, 11 अगस्त (इंद्रप्रस्थ न्यूज)। राजधानी दिल्ली में शिव भक्त कांवड़ियों की सुविधा और स्वास्थ्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए माया नारायण मेमोरियल ट्रस्ट (रजि.) द्वारा 5 से 11 अगस्त तक सात दिवसीय निःशुल्क चिकित्सा शिविर का सफ़ल आयोजन किया गया। यह शिविर दिल्ली के मेन वजीराबाद रोड, नंद नगरी डिस्ट्रिक्ट पार्क के निकट लगाया गया था।
24 घंटे उपलब्ध रहीं स्वास्थ्य सेवाएं
शिविर के दौरान डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की टीमों ने 24 घंटे तत्पर रहकर कांवड़ियों के स्वास्थ्य की जांच की। पदयात्रा कर रहे शिव भक्तों को प्राथमिक उपचार, आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श तथा निःशुल्क दवाइयां उपलब्ध कराई गईं, जिससे उन्हें अपनी यात्रा के दौरान काफ़ी राहत मिली।
समाज सेवा और 'स्वस्थ भारत' का संकल्प
ट्रस्ट के प्रबंधक सुनील कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि माया नारायण मेमोरियल ट्रस्ट केवल इसी आयोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे वर्ष दिल्ली और उत्तर प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविर आयोजित करता रहता है। उन्होंने बताया कि समाज के कमजोर एवं जरूरतमंद वर्गों की सहायता के लिए ट्रस्ट पिछले दो वर्षों से गाजियाबाद में ‘नारायण हॉस्पिटल एंड ट्रॉमा सेंटर’ नाम से एक चैरिटेबल अस्पताल भी चला रहा है।
सुनील कुमार ने कहा कि उनका संगठन दिल्ली की अन्य एनजीओ और सामाजिक संस्थाओं के साथ मिलकर स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में सक्रिय रूप से काम कर रहा है। ट्रस्ट का मुख्य उद्देश्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “विकसित भारत–स्वस्थ भारत” के संकल्प को ज़मीनी स्तर पर साकार करना है।
समाज और युवाओं को सकारात्मक दिशा देने का आह्वान
शिविर के समापन के अवसर पर वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. महेंद्र कुमार ने कहा कि डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ और नागरिकों के सामूहिक प्रयासों से ही समाज के अंतिम व्यक्ति तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जा सकती हैं।
कार्यक्रम में विशेष रूप से पहुंचे गुरु तेग बहादुर (GTB) अस्पताल, दिल्ली के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. धनंजय कुमार ने राष्ट्र निर्माण में युवा शक्ति के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा, "देश के विकास में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। यदि उन्हें सही दिशा, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और अवसर मिलें, तो वे देश की तकदीर बदल सकते हैं।"
डॉ. धनंजय ने युवाओं से अपील की कि वे किसी भी प्रकार के बहकावे या गुमराह करने वाली गतिविधियों से दूर रहें और अपनी ऊर्जा व प्रतिभा का उपयोग देश और समाज के निर्माण में करें।
इस सात दिवसीय आयोजन में डॉक्टरों, स्वास्थ्यकर्मियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मिलकर कांवड़ियों की निस्वार्थ सेवा की, जिसकी स्थानीय लोगों और कांवड़ियों ने काफी सराहना की।