20 Aug 2026
नई दिल्ली, 20 अगस्त (एजेंसी)। उच्चतम न्यायालय ने कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शनों से जुड़े मामलों की जांच के लिए पांच सदस्यीय उच्चाधिकार प्राप्त कमेटी का गठन किया है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने इस प्रदर्शन से जुड़े सभी पहलुओं की जांच के लिए उच्चतम न्यायालय के पूर्व जज जस्टिस आर सुभाष रेड्डी की अध्यक्षता में कमेटी गठित की है। कमेटी में पूर्व जज जस्टिस रविशंकर झा, पूर्व जज जस्टिस शलिंदर कौर, पूर्व सीबीआई निदेशक ऋषि कुमार शुक्ला और पूर्व डीजीपी डॉ एल आर बिश्नोई शामिल हैं।
इसके पहले उच्चतम न्यायालय ने 18 अगस्त को कहा था कि वह सीजेपी के विरोध प्रदर्शनों से जुड़े मामलों की जांच के लिए एक उच्चाधिकार प्राप्त कमेटी का गठन करेगा। कमेटी पुलिस ज्यादतियों और पुलिसकर्मियों के खिलाफ हिंसा जैसे मामलों की जांच करेगी। कोर्ट ने कहा था कि उच्चाधिकार प्राप्त कमेटी को तथ्यों का पता लगाने का काम सौंपा जाएगा और उससे समय-समय पर रिपोर्ट देने को कहा जाएगा, ताकि कोर्ट जरुरी निर्देश जारी कर सके।
कोर्ट ने कहा था कि हम कमेटी को सभी जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराएंगे और हमें पूरा भरोसा है कि कमेटी अपने पास आने वाले किसी भी पीड़ित की बात तुरंत सुनेगी और उन्हें अपनी बात रखने का मौका देगी। कोर्ट कमेटी की समय-समय पर आने वाली सिफारिशों का इंतजार करेगी और उसके बाद जरूरी कार्रवाई की जाएगी। कोर्ट ने कहा था कि कमेटी महिला प्रदर्शनकारियों के साथ यौन उत्पीड़न और ऑनलाइन उत्पीड़न, सोशल मीडिया के जरिये अन्य कमजोर लोगों को परेशान किए जाने के आरोपों की जांच करेगी।
उच्चतम न्यायालय में एक याचिका दायर कर मांग की गई थी कि छात्रों के विरोध प्रदर्शन की आड़ में अभद्र गालियों का इस्तेमाल करने वाले युवाओं को नसीहत देने के लिए सात दिनों की 'कम्युनिटी सर्विस' दी जाए। विरोध प्रदर्शन के आयोजकों के खिलाफ भी कार्रवाई हो।
पिछले महीने कॉकरोच जनता पार्टी ने पेपर लीक मामले में जंतर-मंतर पर धरना प्रदर्शन किया था। छात्रों के संसद मार्च के दौरान पुलिस की ओर से ज्यादती की शिकायतें मिली थीं।