04 Feb 2026
नई दिल्ली, 04 फरवरी (हि.स.)। उच्चतम न्यायालय ने विभिन्न उच्च न्यायालयों में बड़ी संख्या में जमानत याचिकाओं के लंबित रहने पर निराशा जताई है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि ये बहुत दुखद है कि व्यक्तिगत स्वतंत्रता के मामले पर भी देरी से सुनवाई की जाती है। उच्चतम न्यायालय ने सभी उच्च न्यायालयों के रजिस्ट्रार जनरल से लंबित अग्रिम और नियमित जमानत याचिकाओं की स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया। उच्चतम न्यायालय ने कहा कि सभी उच्च न्यायालयों के चीफ जस्टिस से उम्मीद जताई कि जमानत याचिकाओं को तय समय में निपटारे के लिए योजना बनाएं। कोर्ट ने इस बात पर गौर किया कि पटना उच्च न्यायालय में इस बात के लिए याचिकाएं दायर की जा रही हैं कि जमानत याचिकाएं लिस्ट नहीं की जा रही हैं। चीफ जस्टिस ने कहा कि लगता है कि जमानत याचिकाओं के जल्द निस्तारण के उच्चतम न्यायालय के आदेश का कोई असल प्रभाव नहीं दिख रहा है। उच्चतम न्यायालय ने कहा कि हर उच्च न्यायालय के चीफ जस्टिस ही मास्टर ऑफ रोस्टर होते हैं, लेकिन अब उच्चतम न्यायालय को दिशा-निर्देश जारी करना पड़ सकता है। मामला पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय से जुड़ा हुआ है, जहां जमानत याचिकाओं के काफी समय से लंबित होने की शिकायतें हैं। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील ने कोर्ट को कुछ चार्ट दिखाए और बताया कि मई, 2025 से जमानत याचिकाओं पर कई बार सुनवाई टाली गई।