13 Aug 2026
नई दिल्ली, 13 अगस्त (एजेंसी)। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने दिल्ली आबकारी घोटाला मामले में ट्रायल कोर्ट से बरी करने के आदेश को चुनौती देने वाली केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की याचिका का विरोध किया है। केजरीवाल और सिसोदिया ने कहा है कि सीबीआई की याचिका सुनवाई योग्य नहीं है। इस मामले पर जस्टिस मनोज जैन 18 अगस्त को सुनवाई करने वाले हैं।
केजरीवाल और सिसोदिया ने कहा है कि सीबीआई की याचिका ट्रायल कोर्ट के फैसले के महज चार घंटे बाद ही दाखिल कर दी गई थी। ये याचिका अभूतपूर्व जल्दबाजी में दाखिल की गई थी जिसमें गंभीरता का अभाव दिख रहा है। केजरीवाल और सिसोदिया ने कहा है कि सीबीआई की अर्जी में ट्रायल कोर्ट के फैसले में कोई गलती नहीं बताया है। ऐसे में सीबीआई की याचिका सुनवाई योग्य कैसे हो सकती है।
उच्च न्यायालय ने 16 जुलाई को सीबीआई की याचिका पर जवाब दाखिल करने के लिए केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और दुर्गेश पाठक को अंतिम मौका दिया था। जस्टिस मनोज जैन के पहले ये मामला जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा की बेंच के समक्ष लिस्टेड था।
राऊज एवेन्यू कोर्ट ने 27 फरवरी को सभी आरोपितों को बरी करने का आदेश दिया था। राऊज एवेन्यू कोर्ट ने कहा था कि चार्जशीट में काफी विरोधाभास हैं। कोर्ट ने कहा कि हजारों पेन्नों की चार्जशीट में जो तथ्य पेश किए गए हैं वे गवाहों के बयानों से मेल नहीं खाते। राऊज एवेन्यू कोर्ट ने कहा था कि इस मामले में मनीष सिसोदिया करीब 530 दिन जेल में रहे। अरविंद केजरीवाल दो बार के अंतराल में 156 दिन जेल में रहे। अरविंद केजरीवाल 13 सितंबर, 2024 को उच्चतम न्यायालय से सीबीआई मामले में जमानत मिलने के बाद रिहा हुए थे।