13 Feb 2026
नई दिल्ली, 13 फ़रवरी (हि.स.)। राज्यसभा सदस्य डॉ. सिकंदर कुमार ने शुक्रवार को संसद में चंडीगढ़ में बढ़ते ट्रैफिक जाम और सड़क दुर्घटनाओं की समस्या को गंभीर बताते हुए इस पर ठोस समाधान की आवश्यकता जताई है। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ देश के सबसे व्यवस्थित शहरों में गिना जाता है, लेकिन बढ़ते वाहन घनत्व के कारण यहां यातायात व्यवस्था पर दबाव लगातार बढ़ रहा है। सदन में अपने वक्तव्य के दौरान उन्होंने कहा कि शहर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में नए वाहनों का पंजीकरण हो रहा है। इसके चलते यहां प्रति व्यक्ति वाहन अनुपात राष्ट्रीय स्तर पर सबसे अधिक में शामिल हो गया है। उन्होंने बताया कि मुख्य वाणिज्यिक क्षेत्रों में पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। कई जगहों पर सतही पार्किंग होने के कारण सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं, जिससे जाम की स्थिति पैदा होती है और दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ता है। डॉ. सिकंदर कुमार ने कहा कि बढ़ती आबादी और वाहनों की संख्या को देखते हुए चंडीगढ़ को दीर्घकालिक और आर्थिक रूप से टिकाऊ सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था की आवश्यकता है। उन्होंने मेट्रो परियोजना को इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उनका कहना था कि यदि मेट्रो परियोजना को सही लागत प्रबंधन और बहु-मॉडल परिवहन व्यवस्था के साथ लागू किया जाए, तो यह शहर की यातायात समस्या का स्थायी समाधान बन सकती है। उन्होंने सदन के माध्यम से भारत सरकार से विनम्र अनुरोध किया कि चंडीगढ़ मेट्रो परियोजना के प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार किया जाए। उनका कहना था कि मेट्रो के शीघ्र कार्यान्वयन से निजी वाहनों की संख्या सड़कों पर कम होगी। इससे ट्रैफिक जाम और सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी, साथ ही शहर की वायु गुणवत्ता में भी सुधार होगा। डॉ. सिकंदर कुमार ने कहा कि मेट्रो परियोजना केवल चंडीगढ़ ही नहीं, बल्कि आसपास के क्षेत्रों के लिए भी लाभकारी साबित होगी। इससे सार्वजनिक परिवहन को मजबूती मिलेगी और लोगों को सुरक्षित, सुलभ और पर्यावरण अनुकूल यात्रा का विकल्प मिलेगा।