11 Mar 2026
जयपुर, 11 मार्च (हि.स.)। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने खाड़ी देशों में युद्ध की स्थिति के बीच देश में रसोई गैस (एलपीजी) आपूर्ति पर संभावित संकट को लेकर केंद्र सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि इस तरह के संभावित राष्ट्रीय संकट को लेकर केंद्र सरकार की लापरवाही बेहद चिंताजनक है। गहलोत ने लिखा कि खाड़ी देशों में युद्ध के कारण देश में एलपीजी आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका है, लेकिन केंद्र सरकार ने समय रहते स्थिति का सही आकलन नहीं किया। उन्होंने इसे सरकार का स्पष्ट “कलेक्टिव फेलियर” बताया। पूर्व मुख्यमंत्री ने आमजन से अपील करते हुए लिखा कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए लोग रसोई गैस और पेट्रोल-डीजल का उपयोग जिम्मेदारी और मितव्ययता के साथ करें, ताकि संसाधनों का संतुलित उपयोग हो सके। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों से यह भी आग्रह किया कि दैनिक मजदूरी करने वाले श्रमिकों के भोजन के लिए संचालित ढाबों में एलपीजी गैस की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, क्योंकि बड़ी संख्या में मजदूर रोजाना इन ढाबों पर भोजन करते हैं। इसके साथ ही गहलोत ने राजस्थान सरकार से विशेष आग्रह करते हुए लिखा कि इंदिरा रसोई (वर्तमान में अन्नपूर्णा रसोई) योजना में गैस की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि लाखों जरूरतमंद, छात्र और श्रमिक अपने भोजन के लिए इन रसोइयों पर निर्भर हैं, इसलिए यहां गैस आपूर्ति बाधित नहीं होनी चाहिए।