18 Jan 2026
- नौ दिनों में क़रीब बीस लाख लोग पहुंचे किताबों का दीदार करने - फ़्रैंकफ़र्ट बुक फ़ेयर में 2025 में पहुंचे थे 2 लाख 38 हजार दर्शक नई दिल्ली, 18 जनवरी (इंद्रप्रस्थ न्यूज) । दुनिया के सबसे बड़े और लोकप्रिय “फ्रैंकफर्ट बुक फेयर” को इस बार भारत मंडपम में आयोजित “ नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला” 2026 में आने वाले दर्शकों की संख्या ने इस मामले में काफ़ी पीछे छोड़ दिया है । मेला आयोजकों के अनुसार इस बार एक अनुमान के मुताबिक़ क़रीब बीस लाख लोगों ने किताबों की दुनिया में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई । इसमें से बड़ी संख्या में लोगों ने अपनी पसंद की किताबें भी ख़रीदीं । इतनी ज़्यादा भीड़ के आने की मुख्य वजह सरकार द्वारा बुक फेयर का प्रचार प्रसार किया जाना और सभी के लिए मेले में आने के लिये इसे फ़्री किया जाना रहा । उपलब्ध जानकारी के अनुसार फ्रैंकफर्ट बुक फेयर में (2025) कुल 2 लाख 38 हजार दर्शक आए, जिनमें लगभग 1 लाख 18 हजार 500 व्यापारिक आगंतुक और 115,000 आम जनता शामिल थी। यह दुनिया का सबसे बड़ा अंतर्राष्ट्रीय पुस्तक व्यापार मेला है जो प्रकाशन उद्योग के पेशेवरों और पुस्तक प्रेमियों को आकर्षित करता है। यह मेला हर साल अक्टूबर के मध्य में आयोजित होता है और दुनिया भर से प्रकाशकों, लेखकों, एजेंटों और पुस्तक प्रेमियों को आकर्षित करता है, जिससे यह वैश्विक पुस्तक व्यापार का एक प्रमुख केंद्र बन जाता है। फ्रैंकफर्ट बुक फेयर “बी टू बी “ फेयर है जबकि नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला “बी टू सी “ फेयर है । पुस्तक मेले में जिस तरह से इस बार आने वाले लोगो की संख्या में बेतहाशा वृद्धि देखी गई है उससे यह उम्मीद जगती है कि आने वाले समय में पुस्तकों के प्रति लोगों का रुझान और बढ़ेगा। इससे जहां एक ओर किताबों की डिमांड बढ़ेगी वहीं दूसरी ओर प्रकाशकों का कारोबार भी बढ़ेगा । इससे एक और फ़ायदा होगा वह यह कि बड़ी संख्या में नये लेखक भी सामने आएंगे । प्रकाशकों की माने तो इस बार ही बढ़ी संख्या में युवा लेखकों की किताबे आई हैं। इनके भी महिला लेखकों की संख्या काफ़ी अधिक है । इनमें वरिष्ठ पत्रकार अमित कुमार की किताब “पीएम पावर “ की जमकर बिक्री हुई है। इसके अलावा आज विश्व पुस्तक मेला–2026, में वरिष्ठ कवि संजय सिंह राठौर का नया कविता संग्रह "बरसाती नदियां" का लोकार्पण आईसेक्ट पब्लिकेशन के स्टॉल पर देश के सुप्रसिद्ध व्यंग्यकार संपत सरल, सुभाष मिश्र (प्रधान संपादक, जनधारा), राजाराम भादू (वरिष्ठ आलोचक एवं शिक्षाविद्), भालचंद्र जोशी (वरिष्ठ कथाकार एवं आलोचक), हरिनारायण जी (संपादक, कथादेश) तथा प्रेमचंद गांधी (वरिष्ठ साहित्यकार) की गरिमामय उपस्थिति में हुआ। विश्व पुस्तक मेले में काव्य–संवेदना और समकालीन सरोकारों को स्वर देता यह संग्रह पाठकों के बीच विशेष आकर्षण रहा। उल्लेखनीय है कि "बरसाती नदियां" की समस्त प्रतियां कविता प्रेमियों ने खरीद लीं।