23 Sep 2026
लखनऊ, 23 सितंबर (इंद्रप्रस्थ न्यूज)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास पांच कालिदास मार्ग पर भारत टैक्सी एवं मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना का शुभारंभ किया। इस मौके पर उनके साथ उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, सहकारिता मंत्री जेपीएस राठौर समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि अगर आप नकारात्मक हाथों में अस्त्र शस्त्र दे देंगे तो वो उसको विध्वंसात्मक, शोषण और अराजकता करके शक्ति का दुरुपयोग करेंगे। अगर वही शक्ति सकारात्मक, कल्याणकारी सोच के हाथों में देंगे तो वह शस्त्र समाज और राष्ट्र की सुरक्षा का कारण बनता है।
सहकारिता एक दुधारी तलवार है। इसका अच्छा पक्ष भी है और बुरा भी। अच्छी लीडरशिप, अच्छा नेतृत्व हो तो सहकारिता समृद्धि का कारण बनता है। अगर लीडरशिप गलत हो तो समाज में अराजकता का कारण भी सहकारिता बन सकता है। देश में 2014 के पहले, प्रदेश में 2017 के पहले माहौल बनाया गया था, सहकारिता का क्षेत्र भी इससे अछूता नहीं था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम आभारी हैं प्रधानमंत्री मोदी के, कि आजादी के बाद पहली बार देश में सहकारिता मंत्रालय अलग से गठित हुआ। सहकारिता के बारे में सोच पैदा हुई। उसी का परिणाम हमें देखने को मिला है कि टैक्सी ड्राइवर, टू व्हीलर, थ्री व्हीलर के बारे में कोई सोचता नहीं था, अब वो ज़ीरो कमीशन पर भारत टैक्सी का हिस्सा बनेंगे और उन्हें सामाजिक सुरक्षा की कवरेज भी पांच लाख रुपये की मिलेगी।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अन्नदाता किसान समृद्ध होगा तो भारत समृद्ध होगा। कोऑपरेटिव सेक्टर जितना मजबूत होगा, भारत उतना मजबूत होगा। इसी को मजबूती प्रदान करने के लिए यह मंच हर उस चालक को आश्वस्त करने आया है कि आपके साथ डबल इंजन की सरकार खड़ी है।
योगी ने कहा कि 2017 के पहले उत्तर प्रदेश में महीनों कर्फ्यू लगते थे। दंगे होते थे। अराजकता चरम पर थी। लोग टैक्सी, थ्री व्हीलर में बैठते थे तो किराया नहीं देते थे। पता लगता था कि सत्ताधारी दल के गुंडे ड्राइवर को मारकर उनकी टैक्सी लेकर गायब हो गए। मेरठ में जितनी चोरी की गाड़ियां होती थीं, उनकी चेसिस बदल दी जाती थी। 2017 के पहले गाड़ी छोड़िए, कोई अपनी भैंसा गाड़ी से जाता था तो उसके भैंसे को ही गायब कर दिया जाता था। टैक्सी के टायर ही गायब कर दिए जाते थे। सड़क में गड्ढे थे या गड्ढों में सड़क, पता ही नहीं लगता था। आज इंटर स्टेट कनेक्टिविटी चार लेन की हो चुकी है। गांव की सड़कें बेहतरीन बनी हैं